Dhanbad : झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के केंद्रीय अध्यक्ष और डुमरी विधायक जयराम महतो मंगलवार को धनबाद स्थित एमपी-एमएलए विशेष अदालत में पेश हुए। वे विशेष न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत में बोकारो जिले के सियालजोड़ी थाना में दर्ज मामले की सुनवाई के सिलसिले में पहुंचे।
यह मामला 27 नवंबर 2023 को वेदांता स्टील प्लांट में मजदूरों के नियोजन की मांग को लेकर हुए आंदोलन से जुड़ा है। अदालत परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए जयराम महतो ने खुद को पूरी तरह निर्दोष बताया। उन्होंने कहा कि उनका इस आंदोलन से कोई सीधा संबंध नहीं था और घटना के दिन वे मौके पर मौजूद भी नहीं थे। उनके अनुसार, आंदोलन स्थल पर लगे बैनर में उनकी तस्वीर होने के कारण उन्हें गलत तरीके से नामजद किया गया।
मुख्यमंत्री के बयान पर साधा निशाना
इस दौरान जयराम महतो ने झारखंड की राजनीति पर भी खुलकर प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के हालिया विधानसभा बयान पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के मुखिया को सभी धर्मों को साथ लेकर चलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि दिया गया बयान तथ्यों पर आधारित नहीं था और ऐसा प्रतीत होता है कि वह ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ से प्रभावित था।
महतो ने कहा कि किसी भी धर्म या वर्ग की भावनाओं को आहत नहीं करना चाहिए और सभी के प्रति समान दृष्टिकोण जरूरी है।
बंगाल चुनाव को लेकर बड़ा ऐलान
आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर जयराम महतो ने अपनी पार्टी की रणनीति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि जेएलकेएम जंगल महल क्षेत्र से चुनावी मैदान में उतरेगी और 5 से 10 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है।
उन्होंने दावा किया कि यह क्षेत्र सांस्कृतिक रूप से झारखंड से जुड़ा हुआ है, इसलिए वहां पार्टी को अच्छा समर्थन मिलने की उम्मीद है।
असम चुनाव पर फिलहाल ब्रेक
असम में चुनाव लड़ने की संभावना पर उन्होंने फिलहाल विराम लगा दिया। महतो ने कहा कि असम भौगोलिक रूप से काफी दूर है और जब तक उनके पास पर्याप्त संसाधन, जैसे हेलिकॉप्टर आदि उपलब्ध नहीं होंगे, तब तक वहां चुनाव लड़ने पर विचार नहीं किया जाएगा
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