बरेली डेस्क : पीसीएस अधिकारी ज्योति मौर्या (Jyoti Maurya) एक बार फिर सुर्खियों में हैं। बरेली से तबादला होने वाली प्रमुख पीसीएस अधिकारी ज्योति मौर्या इन दिनों सेमीखेड़ा चीनी मिल को लेकर विवादो में घिरी हुई हैं।

बता दें कि बरेली के देवरनियां में बार-बार पेराई ठप होने से किसानों में आक्रोश बढ़ने के बाद हुई शिकायत को लेकर चर्चा में रहने वाली सेमीखेड़ा चीनी मिल की जीएम ज्योति मौर्या (Jyoti Maurya) का तबादला कर दिया गया है। इस समय, मिल में गन्ना पेराई के काम को लेकर उठ रहे विवादों के चलते शहर की राजनीति में भी सरगर्मी बढ़ी हुई है। फिलहाल ज्योति मौर्या को चीनी मिल के लखनऊ मुख्यालय भेजा गया है।
किसानों के आवाज उठाने का रहा असर
पीसीएस अधिकारी ज्योति मौर्या (Jyoti Maurya) के तबादले का मुद्दा किसानों की ओर से उठे विरोध के स्वर के से उत्पन्न हुआ। बरेली जिले की सेमीखेड़ा चीनी मिल में चीनी कारख़ाने के कामकाज को लेकर चर्चा में उनके तबादले का फैसला किया गया है। किसानों की ओर से विरोध किए जाने के बाद ही इस बात की संभावना जताई जा रही थी कि कुछ न कुछ बदलाव होगा।
ज्योति (Jyoti Maurya)की जगह शादाब को मिली जिम्मेदारी
Jyoti Maurya की जगह पर नए जीएम शादाब असलम को नई जिम्मेदारी मिली है। किसानों की शिकायतों के बावजूद, नए जीएम को नए कार्यों का सामना करना होगा और समस्याओं का समाधान करने की जिम्मेदारी लेनी होगी। ज्योति मौर्या के जाने के बाद नए जीएम बने शादाब असलम को चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। अब यह देखनेवाली बात है कि वे इन चुनौतियों से कैसे निबटते हैं।
क्यों बढ़ा किसानों का आक्रोश
अब यह सवाल उठना लाजिमी है कि किसानों के बीच आक्रोश क्यों बढ़ा। क्या उनके आक्रोश का समाधान समय रहते किया जा सकता था। दरअसल, मिल में पेराई के काम की शुरुआत में हुई तकनीकी खामियों के चलते किसानों का आक्रोश बढ़ा। इसके बाद उन्होंने राज्यमंत्री से मिल में हो रही समस्याओं की शिकायत की थी। इसके बाद ही यह नया बदलाव सामने आया।
गहरे विवादों में घिरा है सेमीखेड़ा चीनी मिल
सेमीखेड़ा चीनी मिल अचानक चर्चा में आ गया है। जानकारी के मुताबिक, सेमीखेड़ा चीनी मिल वर्तमान में गहरे विवादों में घिरा हुआ है। यहां तक कि गन्ना सत्र के बावजूद, मिल में पेराई का काम आरंभ नहीं हो पा रहा है। इस अवस्था ने किसानों के बीच असंतोष उत्पन्न किया है। मिल में 19 नवंबर को पटला पूजन हुआ था। ऐसा माना जा रहा था कि इसके बाद मिल में पेराई का काम शुरू हो जाएगी। हाल में किसानों की बगावत का मुख्य कारण इसकी पेराई के काम में रुकावट है, जिससे किसानों में आक्रोश उत्पन्न हो रहा है।
तकनीकी खामियों के चलते बार-बार ठप हुआ काम
पिछले 28 नवंबर को मिल में पेराई का काम शुरू हुआ लेकिन फिर कुछ तकनीकी खामियों के चलते बार-बार चीनी मिल में काम ठप होता गया।
इसके बाद बरेली डीएम ने चीनी मिल का निरीक्षण किया और उनमें कई खामियों मिली। इसके बाद ही जीएम ज्योति मौर्या(Jyoti Maurya) के तबादले का फैसला सामने आया। जीएम की फटकार के बाद, ज्योति मौर्या (Jyoti Maurya) को बरेली से हटाकर लखनऊ मुख्यालय में नई पोस्टिंग दी गई है। इससे उन्हें नई जिम्मेदारी और स्थान मिलेगा।
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