Jamshedpur : बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के सर्किट हाउस एरिया के रहने वाले उद्यमी देवांग गांधी के बेटे कैरव गांधी अपहरण कांड की साजिश पंजाब के लुधियाना में रची गई थी। लुधियाना का गैंगस्टर तेजिंदर पाल सिंह इस घटना का मास्टर माइंड निकला। जमशेदपुर पुलिस की एक टीम अब तेजिंदर पाल सिंह की तलाश में लुधियाना पहुंची है। यहां लुधियाना के स्थानीय पुलिस की मदद से मुखबिरों का जाल फैलाया गया है। तेजिंदर पाल सिंह का सुराग लगाने की कोशिश जारी है। यह पता लगाया जा रहा है कि तेजिंदर पाल सिंह कहां है। वह अभी इंडोनेशिया में है या वापस पंजाब आ गया है। अगर इंडोनेशिया में है तो लुधियाना कब तक लौटेगा। पुलिस इस फिराक में है कि अगर तेजिंदर पाल सिंह लुधियाना में है तो उसका ठिकाना तलाश कर गिरफ्तारी की जाए और अगर वह देश के बाहर है तो उसके लुधियाना आते ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाए।

ऐसे अंजाम दी गई थी वारदात
घटना को अंजाम देने के बाद तेजिंदर पाल सिंह अपने करीबी साद आलम के साथ इंडोनेशिया चला गया था और इंडोनेशिया में बैठकर ही वह फोन कर परिजनों से फिरौती की मांग कर रहा था। गौरतलब है कि 13 जनवरी को कदमा लिंक रोड से कैरव गांधी का अपहरण किया गया था। कैरव गांधी के कार के पास एक स्कॉर्पियो आकर रुकी थी और उसे उतरे लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए कैरव गांधी को अपनी स्कार्पियो में बैठा लिया था और उसे लेकर चले गए थे। बाद में इंडोनेशिया के नंबर से फोन कर घर वालों से फिरौती मांगी गई थी। बाद में पुलिस का दबाव बढ़ने पर 26 जनवरी की रात को अपहरणकर्ताओं ने हजारीबाग जिले के चौपारण-बरही खंड पर कैरव गांधी को छोड़ दिया था।
तेजिंदर ने दिया था डेढ़ लाख रुपए व सिम लगा मोबाइल
पूछताछ में पुलिस को पता चला कि तेजिंदर पाल सिंह के करीबी साद आलम इमरान को अपहरण की घटना में शामिल होने के लिए तैयार कर लिया था। इमरान शेखपुरा गांव के रहने वाले सब्बन खान के साथ लुधियाना गया था और तेजिंदर पाल से मिला था। घटना से 7 महीने पहले तेजिंदर पाल ने अपहरण का प्लान तैयार किया था। दिसंबर में रेकी की गई । गुड्डू सिंह ने स्कार्पियो, हथियार और कारतूस का इंतजाम किया। तेजिंदर पाल ने घटना को अंजाम देने के लिए गुड्डू सिंह को डेढ़ लाख रूपए नकद और सिम लगा हुआ एक मोबाइल भी दिया था। गुड्डू सिंह ने पटना के आगमकुआं के रहने वाले मोहन कुमार को 5 जनवरी को एक लाख रुपए देकर उसकी स्कार्पियो ली थी।
सात बदमाश पकड़ से बाहर
पुलिस ने इस घटना को अंजाम देने वाले लुधियाना के तेजपाल सिंह के अलावा बिहार के नालंदा के बेन थाना क्षेत्र के साद आलम, गया जी के बुनियादगंज के सोंधी के उपेंद्र सिंह, शेखपुरा के धनकौल के सब्बन खान, नालंदा के इस्लामपुर के गुड्डू सिंह, इस्लामपुर थाना क्षेत्र के सिरहारी गांव के इमरान व अर्जुन सिंह, सारण जिला के गरखा थाना क्षेत्र के मोहन कुमार प्रसाद, गयाजी के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के रूपेश कुमार पासवान, बोधगया के अंकित कुमार, गयाजी पहाड़पुर के उदय कुमार, गयाजी वजीरगंज के घरैया के विक्की कुमार उर्फ मंतोष शामिल थे। इनमें से पुलिस गुड्डू सिंह, उपेंद्र सिंह, रमीज राजा, इमरान, मोहन कुमार और अर्जुन सिंह को गिरफ्तार कर चुकी है। उपेंद्र सिंह का पैर टूट गया था। उसका इलाज चल रहा है।
कोट
मामले की तहकीकात की जा रही है, बाकी बचे अपराधियों की तलाश जारी है। जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पीयूष पांडेय, एसएसपी जमशेदपुर

