
चाईबासा : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत किरीबुरु की हाई-प्रोफाइल डी-टाइप कॉलोनी में अज्ञात चोरों ने दुस्साहस का परिचय देते हुए एक बड़ी चोरी को अंजाम दिया है। सेल के अधिकारी राहुल यादव के बंद पड़े सरकारी क्वार्टर (संख्या डी-33) को निशाना बनाकर शातिर चोरों ने लगभग 10 लाख रुपये मूल्य के स्वर्ण व रजत आभूषण, 15 हजार रुपये नकद, लैपटॉप और मोबाइल फोन समेट लिए। घटना 24 और 25 सितंबर की मध्यरात्रि की बताई जा रही है।

रेकी कर पूरी योजना के साथ दिया वारदात को अंजाम
पीड़ित अधिकारी राहुल यादव अपने परिजनों के साथ किसी सिलसिले में दुर्गापुर गए हुए थे। इसी का फायदा उठाकर बेखौफ अपराधियों ने मकान में प्रवेश करने के लिए तीन अलग-अलग दरवाजों में लगे चार तालों को काट दिया। इसके बाद शातिर चोरों ने बीच वाले कमरे में मौजूद गोदरेज अलमारी का लॉक बिना किसी टूट-फूट के बेहद सफाई से खोलकर तमाम कीमती सामान निकाल लिए। अलमारी के अलावा घर की अन्य चीजों को चोरों ने छुआ तक नहीं।
अंधेरा कायम करने के लिए चोरों ने वारदात से पहले आवास के बाहर जल रहे दो बल्बों को निकाल कर नीचे रख दिया था। जिस तरकीब से चोरी की गई है, उससे स्पष्ट है कि घटना से पूर्व बाकायदा रेकी की गई थी और पूरी रणनीति के तहत इसे अंजाम दिया गया।
सुरक्षा तंत्र पर उठे गंभीर सवाल
जिस वीआईपी कॉलोनी में यह घटना घटी है, उसके ठीक पीछे अंचल पुलिस निरीक्षक का दफ्तर व रिहाइश है। वहीं, मात्र 100 से 150 मीटर की दूरी पर एसडीपीओ का कार्यालय एवं सरकारी आवास स्थित है। इतने संवेदनशील और कड़े पहरे वाले इलाके में चोरी की घटना ने पुलिस की रात्रि गश्त और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।
स्थानीय निवासियों में गहराता खौफ
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की छानबीन और सुराग तलाशने में जुट गई है। हालांकि, बीते एक माह के भीतर किरीबुरु क्षेत्र में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, सामुदायिक भवनों, दफ्तरों और गाड़ियों से चोरी की लगातार कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। वीआईपी इलाके में हुई इस ताजा वारदात के बाद से स्थानीय नागरिकों और कर्मचारियों में भय एवं असुरक्षा का माहौल व्याप्त है।


