Kodarma: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झामुमो द्वारा आयोजित सभा में कोडरमा पहुंचे हैं। उनके साथ नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू और पिछड़ा आयोग के अध्यक्ष जानकी यादव भी हैं। इस मौके पर मंच पर कोडरमा की पू्र्व जिला परिषद अध्यक्ष शालिनी गुप्ता सहित सैकड़ों लोगों ने JMM की सदस्यता ली। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शालिनी गुप्ता को झामुमो की सदस्यता दिलाई। साथ ही मुख्यमंत्री ने एलान किया कि चतरा जिला में अंबेडकर विश्वविद्यालय बनाएंगे।


कोडरमा में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हुंकार भरी। सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आज 25 साल का झारखंड पूरे स्वाभिमान से जी रहा है। झारखंड में विदेशी निवेश आ रहा है। उन्होंने कहा कि कोडरमा झारखंड का सीमावर्ती जिला है। एकीकृत बिहार में यह जिला काफी पिछड़ा हुआ था। लेकिन दिशोम गुरु शिबू सोरेन ने लंबे संघर्ष के बाद झारखंड को अलग राज्य बनाया। अब कोडरमा तेजी से विकास कर रहा है। जब भारत ने आजादी का सपना भी नहीं देखा था। उस समय झारखंड के लोग अंग्रेजों से लड़ रहे थे।

सीएम ने झारखंड के स्वतंत्रता सेनानियों को किया याद
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड के स्वतंत्रता सेनानियों को याद करते हुए कहा कि यहां के सिद्धो-कानो चांद-भैरव, बिरसा मुंडा आदि ने लंबा संघर्ष किया है। झारखंड के लोगों की कुर्बानी के बाद देश भर में आजादी की लड़ाई शुरू हुई। उन्होंने कहा कि झारखंड के वीर स्वतंत्रता सेनानियों ने ही पूरे देश में आजादी का जज्बा भरा था। हम ऐसे वीर भूमि में पैदा हुए जहां के लोगों ने जल-जंगल और जमीन की रक्षा के लिए अपनी कुर्बानी दी थी।
झारखंड ने देश को दिए संसाधन
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड ने सैकड़ों साल से देश को सिर्फ देने का काम किया है। दुनिया भर में ऐसा कोई खनिज नहीं है जो झारखंड में नहीं मिलता हो। यहां के बेशकीमती खनिजों का अगर सही तरीके से खनन होता, तो झारखंड में बेरोजगारी नहीं रहती।
झारखंड को बना दिया गया मजदूरों का प्रदेश
मुख्यमंत्री ने कोडरमा में सबसे अधिक बाल मजदूर होने पर दुख प्रकट किया। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्य हमारे खनिज से चमक रहे हैं और झारखंड के हिस्से में गरीबी आई है। आजादी के बाद झारखंड में कल-कारखाने लगाए गए। लेकिन स्थानीय लोगों को कोई लाभ नहीं हुआ। झारखंड के साथ साजिश रची गई और झारखंड के लोगों को सिर्फ मजदूर बनाया गया। झारखंड को एक मजदूर प्रदेश बना दिया गया है।
कोरोना में ट्रेनों के जरिए लाए थे अपने मजदूर
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना आने के बाद इस बात का खुलासा हुआ कि कितने बड़े पैमाने पर लोग झारखंड के बाहर रहते हैं और मजदूरी करते हैं। कोरोना कल में झारखंड के मजदूर दूर-दूर से पैदल ही अपने शहरों को रवाना हुए। कितने मजदूर रास्तों में मर गए। मुख्यमंत्री ने लोगों से कहा कि आपका बेटा हेमंत सोरेन वह पहला मुख्यमंत्री रहा जो अपने खर्चे से मजदूरों को ट्रेन के जरिए झारखंड लाया। उन्होंने कहा कि जब दूसरे राज्य के लोग रास्तों में मर रहे थे तब हम अपने मजदूरों को झारखंड ला रहे थे।
केंद्र ने कर लिया था हमारी ऑक्सीजन फैक्ट्रियों पर कब्जा
कोरोना काल में झारखंड में स्वास्थ्य व्यवस्था इतनी चौकस रही कि यहां कोविड कैसे आया और कैसे चला गया इसकी भनक भी किसी को नहीं लगी। कोरोना काल में झारखंड ने ही पूरे देश में ऑक्सीजन सप्लाई करके लोगों को बचाया। बाद में केंद्र सरकार ने हमारी ऑक्सीजन फैक्ट्रियों पर कब्जा कर लिया और हमारे लोगों को ही ऑक्सीजन के लिए तरसना पड़ा। तब हमने केंद्र सरकार से कहा कि अब झारखंड से कोई रैक बाहर नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड हमने लड़ कर लिया है। यहां के लोग राजनीतिक, आर्थिक और मानसिक रूप से कमजोर थे। हमने इन्हें मजबूत बनाया है। गुरु जी के आह्वान पर झारखंड हासिल करने के लिए सैकड़ों लोग सड़क पर उतरे। झारखंड अलग होने के 15 सालों तक बाहरी लोग इसे लूटते रहे। देश-विदेश कहीं भी मजदूरों के साथ कोई घटना होती है तो हम मजदूरों को वहां से अपने यहां लाते हैं।
गांव से चलती है हमारी सरकार
सीएम ने कहा कि हमारी सरकार गांव से चलती है। सरकार गांव-गांव सड़क बना रही है। गांव में हम कंप्यूटर पहुंच रहे हैं। पूरी सरकार गांव में जा रही है। उनकी समस्या सुन रही है। राज्य की आधी आबादी को भी हमने आत्मनिर्भर बनाया है।
साल भर में 26000 युवाओं को दिया गया नियुक्ति पत्र
उच्च शिक्षा के लिए भी हम काम कर रहे हैं। राज्य सरकार नौजवानों को उच्च शिक्षा के लिए विदेश भेजती है। उन्होंने लोगों से कहा कि वह अपने बच्चों को पढ़ाएं ताकि झारखंड मजबूत राज्य बने। सीएम ने कहा कि राज्य में शिक्षकों की नियुक्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी खत्म करने की दिशा में राज्य सरकार अग्रसर है। साल भर के अंदर 26 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र दिया गया है।
झारखंड को उसका हक नहीं दे रही केंद्र सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार झारखंड का हक नहीं दे रही है। राज्य सरकार को अपना हक लड़ कर लेना पड़ रहा है। केंद्र सरकार पर उन्होंने बजट में झारखंड की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने बजट में झारखंड को ठेंगा दिखा दिया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चेतावनी दी कि अगर झारखंड केंद्र को ठेंगा दिखा देगा तो पूरा देश अंधेरे में चला जाएगा।
अमेरिका के साथ हुई डील पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने हाल ही में अमेरिका के साथ हुई डील पर भी करारी चोट की। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने अमेरिका के साथ ऐसा करार किया है कि पचासी प्रतिशत संसाधन अमेरिका चला जाएगा। 15% से देश चलेगा। विपक्ष शासित राज्य को बर्बाद किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की समस्याओं पर उनका पूरा ध्यान है। जेपीएससी में लगातार नियुक्ति हो रही है। उम्र के कारण जो दिक्कत आ रही है उस पर सरकार विचार कर रही है।
सीएम ने की शालिनी गुप्ता की प्रशंसा
उन्होंने इस मौके पर जिला परिषद अध्यक्ष शालिनी गुप्ता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि शालिनी गुप्ता में क्षमता है। उनके साथ इतनी संख्या में लोगों का आना बता रहा है कि वह राजनीतिक तौर पर काफी मजबूत हैं। पारिवारिक झंझावातों के बावजूद वह सियासत में संघर्ष कर रही हैं।

