

जमशेदपुर: कोल्हान विश्वविद्यालय ने बीएड पाठ्यक्रम में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए सत्र 2023-25 से दो मेथड विषयों की पढ़ाई को फिर से लागू करने का निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय ने सिलेबस में संशोधन कर कॉमर्स, कंप्यूटर साइंस और होम साइंस को नए मेथड विषयों के रूप में शामिल किया है। यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति और शिक्षक शिक्षा के मानकों के अनुरूप किया गया है, लेकिन इससे छात्रों और शिक्षकों के लिए नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।

2015 से विश्वविद्यालय में केवल एक मेथड विषय की पढ़ाई हो रही थी, जिससे पाठ्यक्रम सरल और व्यवस्थित था। अब दो मेथड प्रणाली लागू होने से छात्रों को बिना पढ़े दूसरे मेथड विषय की परीक्षा देनी होगी, जिससे उनकी तैयारी पर असर पड़ सकता है। क्योंकि विवि ने इस बदलाव को सत्र 2023-25 से लागू करने का फैसला लिया है। जबकि इस सत्र के विद्यार्थी दो सेमेस्टर की परीक्षा पास करते हुए तीसरे सेमेस्टर का परीक्षा फॉर्म भर चुके हैं। लेकिन बदलाव उन पर भी लागू होगा और उन्हें दो मेथड़ विषय की परीक्षा देनी होगी। जबकि उन्होंने पढ़ाई एक मेथड़ विषय कि की है। विवि के एकेडमिक काउंसिल की स्वीकृति के बाद इस बदलाव को लागू किया गया है।

तीन नए विषय किए गए शामिल:
केयू ने जो बदलाव किया है उसके तहत तीन नए विषयों को जोड़ा गया है। इसमें कॉमर्स, कंप्यूटर साइंस और होम साइंस जैसे विषय शामिल है। लेकिन इन विषयों के लिए विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी एक बड़ी समस्या है। शिक्षकों का कहना है कि बिना प्रशिक्षित फैकल्टी और संसाधनों के इस बदलाव को लागू करना मुश्किल होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन का दावा है कि यह संशोधन बीएड पाठ्यक्रम को अधिक व्यापक और प्रासंगिक बनाने के लिए किया गया है। हालांकि, छात्रों और शिक्षकों ने मांग की है कि नए विषयों के लिए शिक्षकों की नियुक्ति और संसाधनों की व्यवस्था पहले सुनिश्चित की जानी चाहिए। इस कमी के कारण शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है। विश्वविद्यालय ने आश्वासन दिया है कि इन समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाएगा, ताकि छात्रों को बेहतर शैक्षणिक अनुभव मिल सके।

आठ सत्र के पास आउट छात्रों का क्या होगा विवि ने नहीं बताया:
कोल्हान विवि में जब बीएड एक साल का होता था तब दो मेथड विषयों आनर्स के साथ सब्सिडरी की पढ़ाई होती थी। लेकिन 2015 में बीएड को 2 साल का कोर्स कर दिया गया। इसके बाद केयू में सत्र 2015-17 में जो दाखिला हुआ है। उसके सिलेबस में एक दो मेथड विषय की जगह एक मेथड कर दिया गया। तब से सत्र 2022-24 तक कुल 8 सत्र के बीएड के छात्र एक मेथड़ की पढ़ाई करते हुए पास हुए हैं। लेकिन अब सत्र 2023-25 के छात्रों को जो डिग्री मिलेगी वह दो मेथड़ विषयों के आधार पर होगी। ऐसे में एक ही विवि के दो अलग अलग सत्र के छात्रों के डिग्री में अंतर होगा। इसे लेकर एक मेथड़ विषय को लेकर बीएड करने वाले छात्र परेशान हैं। उन्हें डर है कि इसे लेकर बाद में परेशानी न हो।
