Chaibasa (Jharkhand) : कोल्हान विश्वविद्यालय के बीएड मेथड पेपर (B.Ed. method paper) और यूजी जेनरिक पेपर (Undergraduate (UG) Generic Paper) की पाठ्यक्रम (Syllabus) संबंधी विसंगतियों (Discrepancy) को लेकर छात्रों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इन विसंगतियों के निवारण के लिए छात्र प्रतिनिधियों ने शनिवार को विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक (Controller of Examination) डॉ. अजय चौधरी से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा। इसके माध्यम से छात्रों ने यथाशीघ्र स्पेशल परीक्षा आयोजित कर छात्रों को राहत देने की मांग की गई है। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देता है, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

एनसीटीई के नियमों का उल्लंघन
छात्र प्रतिनिधियों ने ज्ञापन में विश्वविद्यालय प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए लिखा है कि बी.एड. और यूजी कार्यक्रमों के पाठ्यक्रम में कई ऐसी विसंगतियां पाई जा रही हैं, जो राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) और विश्वविद्यालय के नियमों के सरासर खिलाफ हैं।
बी.एड. में केवल एक मेथड पेपर की पढ़ाई
छात्रों ने बताया कि वर्ष 2015 से बी.एड. पाठ्यक्रम में छात्रों को केवल एक ही मेथड पेपर की पढ़ाई कराई जा रही है, जबकि एनसीटीई के स्पष्ट नियमों के अनुसार, बी.एड. कार्यक्रम में दो मेथड पेपर की पढ़ाई अनिवार्य है। छात्रों का कहना है कि यह विसंगति न केवल उनके अकादमिक विकास में बाधा डाल रही है, बल्कि उनकी भविष्य की योग्यताओं को भी गंभीर रूप से प्रभावित कर रही है। उन्होंने मांग की है कि विश्वविद्यालय प्रशासन यथाशीघ्र छात्र हित में बी.एड. के पाठ्यक्रम में आवश्यक सुधार करे और 2015 से अब तक पास हुए विद्यार्थियों के लिए स्पेशल परीक्षा आयोजित कर उन्हें इस समस्या से निजात दिलाए।
यूजी जेनरिक पेपर में भी गड़बड़ी
इसी प्रकार, छात्रों ने यूजी पाठ्यक्रम में जेनरिक पेपर को लेकर भी विसंगति का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि 2017 से यूजी पाठ्यक्रम में जनरिक पेपर 2 की जगह केवल एक ही पेपर की पढ़ाई कराई जा रही है। छात्रों का कहना है कि यह विश्वविद्यालय के निर्धारित पाठ्यक्रम और उसके उद्देश्यों का उल्लंघन है, जिससे छात्र वंचित हो रहे हैं। छात्रों ने मांग की कि अन्य विश्वविद्यालयों की तरह कोल्हान विश्वविद्यालय भी इस गड़बड़ी को सुधारे और यूजी (जनरिक इलेक्टिव) के लिए स्पेशल परीक्षा आयोजित कर विद्यार्थियों को सही डिग्री प्रदान करे।
बीएड 2023-25 सत्र जल्द कराने की मांग
इसके अतिरिक्त, छात्रों ने बीएड 2023-25 सत्र को शीघ्र शुरू कराने की भी मांग की है। उन्होंने बताया कि माध्यमिक आचार्य के 1373 पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है, और यदि सत्र में विलंब होता है तो कई छात्र इन पदों के लिए आवेदन करने से वंचित रह सकते हैं। साथ ही, अन्य विश्वविद्यालयों में यूजी प्रवेश के समय भी छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
आंदोलन की चेतावनी
छात्र नेता और युवा मोर्चा के जिला सचिव मंजित हांसदा ने कहा कि छात्रों को हो रही इन गंभीर समस्याओं को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन को तत्काल आवश्यक कदम उठाने चाहिए और शीघ्र ही इनका निवारण करना चाहिए, ताकि छात्रों का शैक्षणिक और व्यावसायिक विकास बाधित न हो। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों की मांगों को अनसुना किया, तो छात्र जोरदार तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। झारखंड छात्र मोर्चा के जिला अध्यक्ष सनातन पिंगुआ ने कहा कि कोल्हान विश्वविद्यालय का शैक्षणिक सत्र पहले से ही लगभग आठ माह विलंब से चल रहा है।
कई बार कर पत्राचार कर चुके हैं छात्र
बी.एड. मेथड पेपर और यूजी जनरिक पेपर में व्याप्त विसंगतियों को लेकर उन्होंने कई बार विश्वविद्यालय प्रशासन से पत्राचार भी किया, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन लगातार टालमटोल कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन इन समस्याओं को गंभीरतापूर्वक नहीं लेता है, तो आने वाले दिनों में विश्वविद्यालय को तालाबंदी करने का काम किया जाएगा। इस अवसर पर किशोर पोद्दार, गिलमान अनवर, विनोद कुमार, बीरेंद्र प्रधान, शिवम, जतिन समेत कई अन्य छात्र भी उपस्थित थे।

