Jamshedpur : कोल्हान विश्वविद्यालय के वोकेशनल विभाग के अंतर्गत कार्यरत शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के लिए राहत भरी खबर है। लंबे समय से लंबित मानदेय वृद्धि की दिशा में विश्वविद्यालय प्रशासन ने पहल शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, वोकेशनल एवं बीएड शिक्षकों के वेतन में चार हजार से दस हजार रुपये तक की बढ़ोतरी की जा सकती है। इस प्रस्ताव को लेकर कुलपति द्वारा एक समिति का गठन किया गया है, जिसे 15 दिनों के भीतर समीक्षा कर अपना प्रतिवेदन सौंपने का निर्देश दिया गया है।

यह निर्णय शुक्रवार को कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा के सभागार में आयोजित व्यावसायिक प्रकोष्ठ की बैठक में लिया गया। गौरतलब है कि वर्तमान में राज्य के सभी विश्वविद्यालयों की तुलना में कोल्हान विश्वविद्यालय के वोकेशनल शिक्षकों का मानदेय सबसे कम है, जिसे लेकर लंबे समय से असंतोष बना हुआ था।
बैठक की अध्यक्षता कुलपति डॉ. अंजिला गुप्ता ने की। बैठक में विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित व्यावसायिक शिक्षा को और अधिक सुदृढ़, प्रभावी एवं रोजगारोन्मुख बनाने को लेकर व्यापक चर्चा की गई। इस दौरान कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गंभीरता से विचार करते हुए अहम निर्णय लिए गए।
बैठक में डीएसडब्ल्यू डॉ. संजय यादव, प्रॉक्टर डॉ. राजेंद्र भारती, वित्त पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार सिंह, परीक्षा नियंत्रक रिंकी दोराइ एवं सीसीडीसी डॉ. अरविंद कुमार सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत सीवीसी डॉ. प्रभात कुमार सिंह के स्वागत भाषण से हुई, जबकि धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव डॉ. रंजीत कुमार कर्ण ने किया। मानदेय वृद्धि की प्रक्रिया शुरू होने से शिक्षकों में उम्मीद जगी है।
विवि की कमेटी कॉलेजों में संचालित कोर्स की करेगी जांच
महाविद्यालयों से प्राप्त विभिन्न पाठ्यक्रमों के संचालन संबंधी प्रस्तावों की जांच के लिए कोल्हान विश्वविद्यालय द्वारा एक समिति का गठन किया गया है। यह समिति संबंधित महाविद्यालयों में उपलब्ध आधारभूत संरचना, संसाधनों एवं पाठ्यक्रम संचालन की उपयुक्तता का गहन निरीक्षण करेगी। निरीक्षण के बाद समिति अपनी विस्तृत रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपेगी। रिपोर्ट में दी गई अनुशंसाओं के आधार पर ही नए पाठ्यक्रमों को प्रारंभ करने पर निर्णय लिया जाएगा। विश्वविद्यालय का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नए पाठ्यक्रम गुणवत्तापूर्ण हों और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक व रोजगारपरक अवसर उपलब्ध कराए जा सकें।
यह निर्णय भी हुआ
- रोजगार की बढ़ती संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए कोल्हान विश्वविद्यालय के व्यावसायिक प्रकोष्ठ के अंतर्गत विभिन्न रोजगारपरक सर्टिफिकेट कोर्स प्रारंभ करने पर सहमति बनी।
- नए सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने के लिए विश्वविद्यालय के सभी स्नातकोत्तर विभागाध्यक्षों से विधिवत प्रस्ताव आमंत्रित किए जाएंगे, ताकि पाठ्यक्रमों को मांग एवं रोजगार से जोड़ा जा सके।
- व्यावसायिक प्रकोष्ठ के अंतर्गत कार्यरत शिक्षकेत्तर कर्मियों की रिक्त पदों को रोस्टर नियमों के अनुरूप भरने को लेकर भी बैठक में विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
- प्रस्तावित नए सर्टिफिकेट कोर्स में विद्यार्थियों का नामांकन आगामी शैक्षणिक सत्र से शुरू करने का निर्णय लिया गया।
- बैठक में शैक्षणिक सत्र 2025–26 के लिए विभिन्न महाविद्यालयों से प्राप्त बजट प्रस्तावों को अनुमोदन प्रदान किया गया, जबकि सत्र 2026–27 के लिए बजट प्रस्ताव 15 मार्च 2026 तक आमंत्रित करने का निर्णय लिया गया।
डॉ. पास्कल बेक बने केयू शाखा कार्यालय के समन्वयक
कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार डॉ. पास्कल बेक, सहायक प्राध्यापक (दर्शनशास्त्र), जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज, जमशेदपुर को विश्वविद्यालय के जमशेदपुर स्थित शाखा कार्यालय का समन्वयक नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी और आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने आशा व्यक्त की है कि डॉ. बेक अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और दक्षता के साथ करेंगे तथा शाखा कार्यालय के प्रशासनिक कार्यों को और अधिक सुदृढ़ एवं सुव्यवस्थित बनाएंगे। यह जानकारी कुलसचिव द्वारा दी गई।

