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पक्की पुल नहीं रहने से लाखों की आबादी प्रभावित,चार जिलों को जोड़ती है पुल

by Rakesh Pandey
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अररिया : जहां सरकार ग्रामीण क्षेत्र में सड़क सुविधा मुहैया कराने को लेकर मुख्यमंत्री ग्रामीण संपर्क योजना के तहत करोड़ों रुपए की राशि खर्च कर पक्की सड़कों का जाल बिछाने का दावा कर रही है।वहीं जिले के भरगामा प्रखंड के बिसहरिया पंचायत स्थित वार्ड संख्या दस शहादत टोला के समीप से गुजर रही जेबीसी नहर पर पक्की पुल के नहीं होने से लाखों की आबादी को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। चार जिला को जोड़ने वाली मुख्य पहुंच पथ पर जाने वाली सड़क एक अदद पुल की तलाश में है। बरसात के दिनों में तो बड़ी आबादी बिलकुल कट जाती है। स्थानीय ग्रामीण सह मदरसा फैजे रहमानी के नाजिम मुफ्ती मुहम्मद आरिफ सिद्दीकी , मास्टर आमीन, हाजी उस्मान, मो इकबाल कासमी, हाफिज मुजीबुर्रहमान , हाजी हलीमुद्दीन आदि ने बताया कि भरगामा प्रखंड से होते हुए अगरथापा बिरनगर बिसहरिया जाने वाली मुख्य सड़क,जो जेबीसी बड़ी नहर से गुजरते हुए पूर्णियां मधेपुरा सहरसा सुपौल जिला को छूती है।इस मुख्य सड़क से सैकड़ों गांव के ग्रामीणों का आवागमन होता है और यहां पक्की पुल का होना अत्यावश्यक है। हालांकि जेबीसी नहर पर पक्की पुल का निर्माण नहीं होने से बरसात के दिनों में नहर पार करने के लिए ग्रामीणों के सहयोग से बनाए गए बांस की चचरी ही एक मात्र साधन होता है।

ग्रामीणों ने बताया कि पुल की समस्या को लेकर सांसद और विधायक को भी लिखित आवेदन देकर नहर पर पक्की पुल निर्माण करने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने कहा कि विधायक अचमित ऋषिदेव पुल निर्माण को लेकर जेबीसी नहर का जायजा भी लिया था।लेकिन पुल की समस्या से निदान को लेकर जनप्रतिनिधि के माध्यम से अबतक कोई ठोस पहल नहीं की गई।

ग्रामीणों ने बताया कि नहर पर पुल निर्माण नहीं होने से हरेक वर्ष बरसात के दिनों में नहर पार करने के दौरान लोगों को जान तक गंवानी पड़ती है।बरसात के दिनों में बीमार पड़ने पर एंबुलेंस का पहुंचना दुश्वार हो जाता है। बड़ी मुश्किल से लोग अपने रोगी को खटिया पर डाल कर नहर पर बने चचरी पूल पार कराते हैं। इधर ग्रामीणों ने नहर पर पुल निर्माण को लेकर जिला प्रशासन से भी सकारात्मक पहल की मांग की है।

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