पटना : बीपीएससी अभ्यर्थियों ने परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर पटना में रविवार को भी जेपी गोलंबर के पास प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री से मिलने की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिससे कई छात्र घायल हो गए। छात्रों के समर्थन में जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर भी धरनास्थल पर पहुंचे थे, लेकिन लाठीचार्ज के पहले वो वहां से निकल गए।
कई छात्रों को चोटें आईं
बीपीएससी अभ्यर्थियों ने अपनी परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर पटना की सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। गांधी मैदान से शुरू हुआ इस प्रदर्शन में हजारों की संख्या में अभ्यर्थी इकट्ठा हुए। वहां छात्र संसद का आयोजन किया। इसके बाद, छात्र सीएम आवास की ओर मार्च करने लगे। जेपी गोलंबर के पास पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की, लेकिन अभ्यर्थी मुख्यमंत्री से मिलने की मांग पर अड़े रहे। स्थिति तनावपूर्ण होते ही पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया,जिससे कई छात्रों को चोटें आईं।
सीएम से मुलाकात तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने कहा कि जब तक सीएम नीतीश से उन लोगों की मुलाकात नहीं होती है, तब तक वो सड़क पर ही बैठे रहेंगे। वे मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी मांगों पर विचार करने का आग्रह कर रहे थे। छात्रों की मुख्य मांग बीपीएससी परीक्षा को रद्द करना और दोबारा आयोजित करना था। इसके अलावा, वे नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया को भी रद्द करने की मांग कर रहे थे। उनका तर्क था कि परीक्षा में कुछ गड़बड़ियां हुई थीं, जिसके कारण उन्हें न्याय नहीं मिला। वे चाहते थे कि पूरी परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित की जाए, जबकि बीपीएससी केवल उसी केंद्र पर पुनः परीक्षा कराने को तैयार था, जहाँ गड़बड़ी की सूचना मिली थी।
छात्रों के समर्थन में धरना पर बैठे प्रशांत किशोर
प्रदर्शन में सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत किशोर भी शामिल हुए और छात्रों के साथ धरना पर बैठ गए। उन्होंने छात्रों की मांग का समर्थन किया और सरकार से इस मामले पर ध्यान देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पुलिस बल का प्रयोग कर छात्रों की मांग को नहीं दबाया जा सकता है।

