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Mahakumbh : भूटान नरेश संगम स्नान करेंगे, सीएम योगी रहेंगे साथ

by Mujtaba Haider Rizvi
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प्रयागराज : भूटान के नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक मंगलवार को संगम में डुबकी लगाएंगे। इस शुभ अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उनके साथ रहेंगे। भूटान नरेश के इस विशेष दौरे के दौरान वे धार्मिक स्थलों का दर्शन-पूजन करेंगे और डिजिटल महाकुंभ अनुभूति केंद्र का अवलोकन करेंगे। मुख्यमंत्री योगी, भूटान नरेश का स्वागत करने के साथ ही बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा करेंगे।

बमरौली एयरपोर्ट पर होगा स्वागत

भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक सुबह करीब 10:10 बजे बमरौली एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एयरपोर्ट पर स्वयं उनका स्वागत करेंगे। वहां से हेलीकॉप्टर के जरिए दोनों अरैल पहुंचेंगे। इसके बाद भूटान नरेश क्रूज के माध्यम से किला घाट पहुंचेंगे, जहां वे संगम स्नान करेंगे।

संगम स्नान के बाद अक्षयवट और हनुमान मंदिर में दर्शन-पूजन

संगम में स्नान और पूजन के पश्चात भूटान नरेश अक्षयवट और बड़े हनुमान मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे। इस दौरान वे डिजिटल महाकुंभ अनुभूति केंद्र का भी अवलोकन करेंगे। यह केंद्र महाकुंभ की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है। इसके बाद वे अरैल स्थित त्रिवेणी शंकुल जाएंगे।

प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के कार्यक्रम की तैयारियों का निरीक्षण करेंगे सीएम

भूटान नरेश को विदा करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के प्रस्तावित कार्यक्रमों की तैयारियों का निरीक्षण करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को संगम स्नान करेंगे, जबकि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का कार्यक्रम 10 फरवरी को प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री अरैल में सेक्टर 15 स्थित अखिल भारतीय संत समागम निवास पंडाल में आयोजित कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। इसके अलावा वे सेक्टर 6 स्थित श्री रामभद्राचार्य शिविर में जाएंगे और वहां करीब 15 मिनट रुकेंगे। मुख्यमंत्री महाकुंभ-2025 की तैयारियों का जायजा लेने के लिए भी विभिन्न स्थलों पर जाएंगे।

अखाड़ों में विदाई की परंपरा और कढ़ी-पकौड़ी

अमृत स्नान के समापन के बाद अब महाकुंभ में विदाई का दौर शुरू हो गया है। परंपरा के अनुसार, विभिन्न अखाड़ों में कढ़ी-पकौड़ी की पंगत के बाद साधु-संत विदा होकर काशी रवाना होंगे। सबसे पहले शैव अखाड़े के संन्यासी विदाई लेंगे, उसके बाद अनी और उदासीन अखाड़ों के संतों की विदाई होगी। हालांकि, धर्मध्वजा महाशिवरात्रि के बाद ही छावनी से उतारी जाएगी।

भूटान नरेश की विदाई और मुख्यमंत्री का लखनऊ लौटना

दोपहर करीब ढाई बजे भूटान नरेश बमरौली एयरपोर्ट पहुंचेंगे और वहां से विशेष विमान द्वारा रवाना होंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उन्हें विदा करने के बाद पुनः अरैल लौटेंगे। मुख्यमंत्री सात घंटे महाकुंभ नगर में रहकर सभी प्रमुख कार्यक्रमों का हिस्सा बनेंगे और शाम 5 बजे लखनऊ के लिए रवाना होंगे।

महाकुंभ और धार्मिक पर्यटन का बढ़ता महत्व

भूटान नरेश के संगम स्नान और मंदिरों के दर्शन से धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलेगी। यह न केवल भारतीय संस्कृति की गहराई को दर्शाता है, बल्कि भारत-भूटान के संबंधों को और मजबूत बनाएगा। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के प्रस्तावित कार्यक्रम महाकुंभ की तैयारियों को नई ऊंचाई देंगे।

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