सेंट्रल डेस्कः INDIA ब्लॉक गठबंधन के बीच खटपट की खबरों के बीच अब तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि कांग्रेस को अपना अहंकार किनारे रखना चाहिए। इसी कड़ी में अब तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी ने कहा है कि अगर मौका मिले तो वो इंडिया ब्लॉक को लीड करने के लिए तैयार हैं।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और इंडिया ब्लॉक की सदस्य ममता बनर्जी ने हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में मिली हार पर असंतोष व्यक्त किया है और उनकी बातों से ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि ममता इंडिया ब्लॉक को लीड करने की इच्छा रखती हैं।
वो नहीं चला पा रहे, तो मैं क्या करूंः ममता बनर्जी
टीएमसी की मुखिया का कहना है कि वे पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री रहते हुए विपक्षी मोर्चे को संभालने के साथ दोहरी भूमिका निभाने को समर्थ हैं। एक इंटरव्यू के दौरान ममता ने कहा कि मैंने इंडिया ब्लॉक का गठन किया था, लेकिन अब इसका नेतृत्व करने वालों पर इसे संभालने की जिम्मेदारी है। अगर वो इसे नहीं चला सकते, तो मैं इसमें क्या कर सकती हूं। अब सबको साथ लेकर चलना होगा।
मैं बंगाल से बाहर नहीं जाना चाहती, लेकिन यहीं से…..
इंटरव्यू के दौरान जब ममता से पूछा गया कि जब वो बीजेपी की मजबूत प्रतिरोधी हैं, तो फिर वे इंडिया ब्लॉक की कमान क्यों नहीं संभाल लेतीं। इसके जवाब में ममता ने कहा कि अगर मौका मिला, तो मैं इसके सुचारू संचालन को सुनिश्चित करूंगी, लेकिन चूंकि मैं बंगाल से बाहर नहीं जाना चाहती, इसलिए मैं यहीं से इसे चला सकती हूं।
क्या इंडिया ब्लॉक में दरार आई है
बता दें कि इंडिया ब्लॉक में एक दर्जन से भी अधिक दल शामिल हैं, जिनमें समय-समय पर मनमुटाव की खबरें आती रहती हैं और इस वजह से कई बार इसकी आलोचना भी होती रही है। बीते दिनों महाराष्ट्र में बीजेपी के नेतृत्व वाली महायुति को प्रचंड बहुमत मिली, जबकि झारखंड में इंडिया ब्लॉक ने जेएमएम के जरिए जीत हासिल की। झारखंड में इंडिया ब्लॉक के सहयोगी दल कांग्रेस का जादू कुछ खास नहीं चला औऱ यही वजह है कि विपक्षी खेमे में इसी भूमिका कम हो गई है।
उधर हाल ही में हुए उपचुनाव में टीएमसी ने बीजेपी को हराकर पश्चिम बंगाल में अपनी साख साबित की। इसके बावजूद कांग्रेस INDIA ब्लॉक की सबसे बड़ी पार्टी है, जिसे अक्सर गठबंधन का वास्तविक नेता समझा जाता है। टीएमसी की ओर से लगातार ममता बनर्जी को गठबंधन की बागडोर संभालने की वकालत करते देखा गया है।

