Jamshedpur : मानगो के मेयर पद की दावेदारी के लिए एक बार फिर भाजपा व जदयू आमने सामने हैं। जदयू ने इस सीट पर अपना दावा ठोक दिया है। जदयू की मांग है कि इस सीट पर एनडीए का एक ही उम्मीदवार हो और वह जदयू का प्रत्याशी हो। इस राजनीतिक हालात में जदयू का दावा मजबूत माना जा रहा है। क्योंकि, मानगो में जदयू की पकड़ भाजपा से अधिक मजबूत है। जदयू के विधायक सरयू राय जिस जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से जीते हैं, मानगो उसी का एक बड़ा हिस्सा है। यहां सरयू राय का अपना निजी नेटवर्क है। मगर, भाजपा के पदाधिकारी आवाज उठा रहे हैं कि विधायक पद जदयू को दे दिया गया था तो अब मेयर की सीट भाजपा के खाते में होनी चाहिए। पार्टी के पदाधिकारियों का तर्क है कि अगर मेयर पद भी जदयू को दे दिया गया तो इस विधानसभा सीट पर भाजपा कहीं की नहीं रहेगी। उसका पूरा नेटवर्क टूट जाएगा। सूत्रों की मानें तो भाजपाइयों ने अपनी बात प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू तक पहुंचा दी है। ऐसे में विधायक सरयू राय की राह थोड़ी मुश्किल नजर आ रही है। अब देखना दिलचस्प होगा कि मानगो का राजनीतक ऊंट जदयू की करवट बैठता है या भाजपा की।

अब गेंद दिल्ली के पाले में
वैसे यह देखना है कि इस बार स्थानीय सियासत में सरयू राय कितना कामयाब होते हैं। क्योंकि, भाजपा से भी 11 उम्मीदवारों की लंबी फेहरिस्त है। यह उम्मीदवार लगातार पार्टी की प्रदेश इकाई पर दबाव बनाए हुए हैं कि मेयर की सीट भाजपा के ही खाते में रहे। इसके लिए प्रदेश इकाई ने दिल्ली में बड़े नेताओं से संपर्क भी साधा है। अब गेंद दिल्ली के पाले में है। सरयू राय भी जदयू के बड़े नेताओं से संपर्क में हैं ताकि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को समझाया जा सके। दिल्ली में क्या फैसला होता है इस पर लोगों की निगाहें टिकी हुई हैं।
जदयू ने किया कई ताकतवर उम्मीदवार होने का दावा
जनता दल (यू) ने मानगो नगर निगम चुनाव में मेयर पद पर अपना दावा ठोक दिया है। जदयू ने भारतीय जनता पार्टी से आग्रह किया है कि मानगो मेयर की सीट जनता दल (यू) के लिए छोड़ दी जाए ताकि जदयू इस सीट पर अपना उम्मीदवार दे सके। जदयू का कहना है कि उसके पास इस सीट के लिए कई ताकतवर उम्मीदवार हैं। हालांकि, अभी विधायक सरयू राय ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं और यह नहीं बताया है कि उनकी पार्टी से कौन उम्मीदवार चुनावी मैदान में आएगा।
राष्ट्रीय स्तर पर है जदयू व भाजपा का गठबंधन
गौरतलब है कि जदयू भाजपा के साथ गठबंधन में है। केंद्र में भाजपा सरकार को जदयू का समर्थन हासिल है। सरयू राय पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान जदयू में शामिल हुए थे। इसके बाद जदयू ने जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा सीट भाजपा से ले ली थी। जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा सीट पर सरयू राय एनडीए के उम्मीदवार थे। मानगो का इलाका जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में आता है। इसलिए, सरयू राय यहां से जदयू का मेयर चाहते हैं।
किसी को नहीं मिलेगा पार्टी का सिंबल
गौरतलब है कि झारखंड में नगर निकाय का चुनाव दलीय आधार पर नहीं हो रहा है। इसलिए किसी उम्मीदवार को किसी पार्टी का सिंबल नहीं मिलेगा। बस पार्टी का राजनीतिक सपोर्ट होगा। इसके बाद भी राजनीतिक दल अपने समर्थित उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतार रही हैं। मानगो में मेयर के पद के लिए कांग्रेस से पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता की पत्नी सुधा गुप्ता चुनाव मैदान में हैं। सरयू राय बन्ना गुप्ता के धुर विरोधी माने जाते हैं। पिछले चुनाव में सरयू राय ने बन्ना गुप्ता को जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा सीट से हराया था। अब सरयू फिर चाहते हैं कि उनका चुना हुआ प्रत्याशी मैदान में उतरे। इसीलिए उन्होंने इस बार फिर भाजपा को मानगो मेयर की सीट छोड़ देने को कहा है। जदयू यहां से पप्पू सिंह को उतारने का मन बना रही है। इसके अलावा, भी कई उम्मीदवार लाइन में हैं।
भाजपा व जदयू में चल रहा मंथन
सरयू चाहते हैं कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का एक ही उम्मीदवार मेयर पद के लिए हो जो संगठनात्मक आधार, सामाजिक आधार, जनसमर्थन एवं कार्यकर्ता बल के साथ एकजुट होकर चुनावी मैदान में उतर सके और एनडीए की जीत सुनिश्चित हो। विधायक सरयू राय ने इसे लेकर जदयू नेताओं की एक मीटिंग भी की है। विधायक सरयू राय ने जद(यू) नेताओं को बैठक में जानकारी दी कि भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने इस विषय को लेकर संपर्क किया है। इस बारे में भाजपा नेतृत्व से वार्ता चल रही है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू से इस विषय पर फिर से बातचीत होगी। सरयू राय ने बैठक में कहा कि वह जद (यू) कार्यकर्ताओं के मन की बात उनके समक्ष रखेंगे और जदयू की इस मांग को मजबूती के साथ दोहरायेंगे।

