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Mango Municipal Election : मानगो नगर निगम चुनाव में मतदान से एक दिन पहले फिर उछला वीडियो प्रकरण, जानें क्या है मामला

Mango Municipal Election : सरयू राय ने विस अध्यक्ष को लिखी चिट्ठी, अधिकारियों पर अवमानना कार्रवाई की मांग

by Mujtaba Haider Rizvi
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Jamshedpur : जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो को पत्र लिखकर बन्ना गुप्ता से जुड़े वीडियो प्रकरण में विधानसभा को कथित तौर पर गलत जानकारी देने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की मांग की है।

गौरतलब है कि इस मामले में अब तक साफ नहीं हो सका है कि वह वीडियो सही था या फिर एआई के जरिए बनाया गया था। बन्ना गुप्ता का आरोप था कि उनकी राजनीतिक छवि धूमिल करने के लिए साजिश रची जा रही है। गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव में भी बन्ना गुप्ता की एक वीडियो एडिट कर वायरल किया गया था। बन्ना गुप्ता ने विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद आरोप लगाया था कि उनकी बात को काट छांट कर गलत तरीके से वीडियो में पेश किया गया है। उनका कहना था कि इसी वीडियो की वजह से उनकी हार हुई है। अब उनकी पत्नी सुधा गुप्ता मेयर पद की उम्मीदवार हैं। अब फिर मतदान की पूर्व संध्या पर बन्ना गुप्ता के खिलाफ वीडियो का मुद्दा उछाला गया है।

सरयू राय ने क्या कहा

अपने जारी बयान में सरयू राय ने कहा कि इस प्रकरण में स्वयं बन्ना गुप्ता ने वर्ष 2023 में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद जब उन्होंने विधानसभा में प्रश्न उठाया, तो विभाग की ओर से जवाब दिया गया कि मामले की जांच जारी है और अश्लील वीडियो क्लिप को एफएसएल जांच के लिए भेजा गया है।

उन्होंने बताया कि 21 फरवरी को विधानसभा में इस मुद्दे को दोबारा उठाने पर भी सरकार की ओर से यही कहा गया कि एफएसएल की रिपोर्ट अब तक प्राप्त नहीं हुई है। उस समय एक महिला ने वीडियो में दावा किया था कि वही महिला है, जिससे बन्ना गुप्ता की बातचीत हो रही है। हालांकि पुलिस की ओर से यह कहा गया कि महिला की पहचान नहीं हो सकी, इसलिए उसके संबंध में कोई जांच नहीं की गई।

कहां पहुंची पुलिस की जांच

सरयू राय ने सरकार के इस उत्तर को गलत बताते हुए कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार एफएसएल की रिपोर्ट करीब आठ महीने पहले ही आ चुकी है और यह रिपोर्ट संबंधित विद्वान न्यायाधीश के न्यायालय में उपलब्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि एफएसएल ने जमशेदपुर पुलिस को रिपोर्ट लेने के लिए सूचित किया था, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट प्राप्त नहीं की। ऐसे में विधानसभा को गलत जानकारी देना गंभीर विषय है और इस पर अवमानना की कार्रवाई होनी चाहिए।

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