सेंट्रल डेस्क। Mauland Mufti Salman Azhari: मौलाना मुफ्ती सलमान अजहरी (Mauland Mufti Salman Azhari) के बयान पर मुंबई से गुजरात तक, मौलाना मुफ्ती सलमान अजहरी के एक बयान ने भारी विवाद को जन्म दिया है। 1 फरवरी 2024 को, अजहरी ने एक धार्मिक सभा में कहा था कि “हिंदुओं को मुसलमानों से डरना चाहिए।” यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद कई हिंदू संगठनों ने इसका विरोध प्रदर्शन किया।

विरोध प्रदर्शन
मुंबई में, शिवसेना और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने अजहरी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। वहीं गुजरात में, विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यकर्ताओं ने भी अजहरी के बयान की निंदा की। बता दें कि सोशल मीडिया पर भी, कई लोगों ने अजहरी के बयान की निंदा करते हुए कहा कि यह बयान सांप्रदायिक भेदभाव को बढ़ावा देता है।
अजहरी का स्पष्टीकरण
विवाद बढ़ने के बाद, अजहरी ने अपने बयान पर स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि उनका बयान गलत तरीके से पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि उनका मतलब यह था कि हिंदुओं को मुसलमानों से नहीं डरना चाहिए, बल्कि उन्हें मुसलमानों से प्यार करना चाहिए।
राजनीतिक प्रतिक्रिया:
इस विवाद पर राजनीतिक दलों की भी प्रतिक्रिया आई है। भाजपा ने अजहरी के बयान की निंदा करते हुए कहा कि यह बयान देश की एकता और अखंडता के लिए खतरा है। कांग्रेस ने भी अजहरी के बयान को गलत बताया और कहा कि सभी धर्मों का सम्मान करना चाहिए।
यह विवाद अभी भी जारी है। यह देखना बाकी है कि इस विवाद का क्या परिणाम होता है।
अन्य महत्वपूर्ण जानकारी
– अजहरी एक कट्टरपंथी मुस्लिम नेता हैं जो अपने विवादास्पद बयानों के लिए जाने जाते हैं।
-अजहरी के बयान के बाद, कई लोगों ने सोशल मीडिया पर #StopCommunalHatred अभियान शुरू किया है।
– इस विवाद के बाद, भारत में सांप्रदायिक तनाव बढ़ने की आशंका हैl
गुजरात एटीएस कर रही है इस मामले की जांच
आपको बता दें कि अजहरी के इस भड़काऊ भाषण के मामले की जांच गुजरात एटीएस कर रही है। हालांकि इस सिलसिले में गुजरात एटीएस ने रविवार को मुंबई से इस्लामी उपदेशक मुफ्ती सलमान अजहरी को हिरासत में ले लिया और उसी दिन देर रात जूनागढ़ ले गई। घाटकोपर पुलिस थाने से भीड़ को हटाने के बाद अजहरी को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया और दो दिन की ट्रांजिट रिमांड लेकर अपने साथ ले गई। इनकी गिरफ्तारी के बाद ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने दावा किया कि उपदेशक ने कोई भड़काऊ भाषण नहीं दिया था और उसे न्याय दिया जाना चाहिए।
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