रांची : Ministerial workers are on strike : इन दिनों में राज्यभर में अनुसचिवीय कर्मचारी हड़ताल पर हैं। हड़ताल के चलते पूरे राज्य के सरकारी कार्यालयों में कामकाज बाधित है। लाखों की संख्या में आवेदन पड़े हुए हैं और फाइलें सरक नहीं रही हैं। वेतन ग्रेड में वृद्धि समेत नौ सूत्री मांगों को लेकर समाहरणालय संवर्ग के अनुसचिवीय कर्मचारी हड़ताल पर है। शुक्रवार को उनके हड़ताल का 19 वां दिन था।
Ministerial workers are on strike : छात्रों को हो रही सबसे अधिक परेशानी
जिला समाहरणालयों के अनुसचिवीय कर्मियों की हड़ताल से वैसे तो तमाम कामकाज ठप है लेकिन सर्वाधिक परेशानी अगर किसी को हो रही है तो वह है विद्यार्थी वर्ग। केवल धनबाद जिले की ही बात करें तो इस हड़ताल के कारण जिले भर में करीब 12 हजार से अधिक विभिन्न प्रकार के आवेदन का काम ठप हो गया है। ऐसे में अब भी अनुसचिवीय कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त नहीं होती है तो लोगों का आक्रोश सड़क पर आ सकता है।
Ministerial workers are on strike : क्या हैं अनुसचिवीय कर्मियों की मांगें
इस संबंध में झारखंड राज्य अनुसचिवीय कर्मचारी संघ के जिला मंत्री राजकुमार सिंह ने बताया कि बीते 12 वर्षों से ग्रेड पे को लेकर उनकी मांग लंबित है। हर बार राज्य सरकार की ओर से उनकी मांगों पर विचार करने का आश्वासन मिलता रहा है, लेकिन कभी इसे पूरा नहीं किया गया। कर्मचारी अपने पदनाम में भी बदलाव चाहते हैं।
Ministerial workers are on strike : ये कार्य हो रहे प्रभावित
नहीं बन रहा आर्थिक रूप से कमजोर होने का प्रमाण पत्र : इस हड़ताल का असर मुख्य रूप से आथिक रूप से कमजोर छात्र-छात्राओं को हो रहा है। उन्हें आर्थिक रूप से कमजोर होने का प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा है। इसका नतीजा यह हो रहा है कि विभिन्न संस्थानों में मिलने वाली रियायत से वे वंचित हो जा रहे हैं।
नहीं हो रही दाखिल खारिज: जमीन संबंधी तमाम मामले लटके हुए हैं। दाखिल खारिज, जाति, आवासीय, आय समेत तमाम तरह के कार्य प्रभावित हैं। हड़ताल की अवधि लंबी खिंचने के कारण लोगों का धैर्य अब जवाब देने लगा है।
विकास योजनाएं भी प्रभावित : हड़ताल के कारण तमाम जिलों में विभिन्न प्रकार की योजनाएं भी ठप हैं। खास कर जनप्रतिनिधियों की ओर से अनुशंसित हजारों छोटी-बड़ी योजनाओं पर भी काम न हीं हो पा रहा है।

