गोरखपुर : Yayavari Bhojpuri Mahotsav : गोरखपुर के गोकुल अतिथि भवन में आयोजित यायावरी भोजपुरी महोत्सव का छठा सत्र बेहद खास रहा। इस दौरान ‘पंचायत’ वेब सीरीज फेम अशोक पाठक मुख्य आकर्षण के केंद्र रहे। कार्यक्रम के दौरान अंतिम सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने लोगों की मांग पर पंचायत के अलग-अलग वेब सीरीज में अपने चर्चित डायलॉग लोगों को सुनाए। पंचायत वेब सीरीज के दौरान सर्वाधिक वायरल हुआ उनका डायलॉग ‘चुनौटिया भुलाता बहुत है ना भैया…’ पर दर्शकों ने खूब तालियां बजाईं। इसके अलावा पंचायत-3 में सचिवालय का ताला खोलने के लिए सचिव को हथौड़ी देने से संबंधित उनके डायलॉग ने भी जमकर तालियां बटोरीं।

साझा कीं अपनी जीवन यात्रा की यादें
कार्यक्रम के दौरान पूछे गए सवाल के जवाब में अशोक पाठक ने बताया कि उनका बिहार और हरियाणा से एक समान लगाव है। दोनों ही राज्यों का उन पर समान अधिकार है। उन्होंने अपने कॅरियर के बारे में बताते हुए पंजाबी फिल्मों में किए गए अभिनय के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला। इसके अलावा अपने पठान पाठक की यात्रा के बारे में भी बताया।
हिंदी उच्चारण के कारण नहीं मिली थी नौकरी
घर-घर ओटीटी चैनलों के जरिए लोगों के दिलों में अलग जगह बनाने वाले अशोक पाठक का जीवन काफी संघर्षमय रहा है। बातचीत के दौरान उन्होंने इससे संबंधित कई बातें काफी सहज तरीके से साझा कीं। यह भी जिक्र किया कि कैसे उन्हें अपने कॅरियर की पहली नौकरी के साक्षात्कार में हिंदी का शुद्ध उच्चारण न कर पाने के कारण छांट दिया गया था। उन्होंने कहा कि वह पढ़ाई में कभी बहुत बेहतर नहीं थे।
दादाजी बजाते थे ढोलक, खुद बनना चाहता था गायक
अपने पारिवारिक पृष्ठभूमि के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए अशोक पाठक ने बताया कि उनके दादाजी बहुत अच्छा ढोलक बजाते थे। वह (अशोक पाठक) गायिकी के क्षेत्र में अपना कॅरियर बनाना चाहते थे। लेकिन आगे चलकर उन्हें पता चला कि उनकी आवाज उतनी अच्छी नहीं है। इसके बाद उन्होंने अभिनय के क्षेत्र में कदम रखा।
Yayavari Bhojpuri Mahotsav : मनोज बाजपेई और पंकज त्रिपाठी के बारे में यह कहा
फिल्मी दुनिया में भोजपुरी से लेकर हिंदी फिल्मों और तमाम वेब सीरीज में बिहार के कलाकार अपनी अभिनय कला का लोहा मनवा रहे हैं। अशोक पाठक ने अपने सत्र के दौरान बातचीत में मनोज बाजपेई और पंकज त्रिपाठी की जमकर तारीफ की। अलग-अलग फिल्मों में दोनों अभिनेताओं के अभिनय को उन्होंने आदर्श बताया।
Yayavari Bhojpuri Mahotsav : बॉलीवुड को समर्पित रहा छठा सत्र
यायावरी भोजपुरी महोत्सव 2024 के छठे सत्र का विषय ‘भोजपुरिया खाद से फलत-फुलात बॉलीवुड’ रहा। इसमें डॉ. एम के पांडेय ने ‘पंचायत’ फेम अशोक पाठक से बातचीत की। इस दौरान फिल्म इंडस्ट्री में भोजपुरी अभिनेताओं और कलाकारों की उपस्थिति को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

भोजपुरी की पहली साइंस फिक्शन का प्रदर्शन
इस महोत्सव में यह बात भी उभरकर आई कि भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री केवल नाच-गाने और धूम-धड़ाम तक सीमित नहीं है। अब इस भाषा में तकनीक का प्रयोग कर फिल्में बन रही हैं जो रियलिटी के करीब लगती हैं। इस महोत्सव के सातवें सत्र में भोजपुरी की पहली साइंस फिक्शन फिल्म ‘मद्धिम’ का प्रदर्शन किया गया। इस फिल्म को खूब सराहा गया।

सांस्कृतिक पारंपरिक कार्यक्रमों के नाम रहा अंतिम सत्र
महोत्सव का अंतिम सत्र सांस्कृतिक संध्या को समर्पित रहा। इस दौरान मंच पर भोजपुरी की पारंपरिक कला के दर्शन हुए। इसमें राकेश कुमार का लौंडा डांस, सिसोदिया सिस्टर्स, शालिनी दुबे, आदित्य राजन और अनन्या सिंह का गायन आकर्षण के केंद्र रहे। महोत्सव के आयोजन समन्वयक गौरव मणि त्रिपाठी ने बताया कि महोत्सव में आए लोगों ने हमें खूब स्नेह एवं प्रेम दिया।

