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क्या है मुंबई के गोखले ब्रिज की कहानी जिसे कहा जा रहा इंजीनियरिंग का डिजास्टर

by The Photon News Desk
Gokhale Bridge
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महाराष्ट्र। Gokhale Bridge : गोखले ब्रिज मुंबई के कई पॉश इलाकों को एक साथ जोड़ने का काम कर रहा था। यह ब्रिज अंधेरी पश्चिम और पूर्व को हिस्से को जोड़ता है। इसी के पास सीडी बर्फीवाला नामक फ्लाईओवर है, जो मुंबई के कई पॉश इलाकों को अंधेरी से सीधे जोड़ती है।

ब्रिज के एक भाग को फ्लाईओवर से जोड़ना था, लेकिन यह जुड़ नहीं पाया। मुंबई नगरपालिका की लापरवाही की वजह से ब्रिज और फ्लाईओवर के बीच 2 मीटर की गहरी खाई बन गई है। अब सीडी बर्फीवाला जाने वालों को ब्रिज का चक्कर लगाना पड़ेगा। फ्लाईओवर और ब्रिज के अलाइनमेंट न होने की वजह से अंधेरी, जुहू, वर्सोवा और लोखंडवाला से आने वाले लोगों को कठिनाई का सामना करना पड़ेगा।

Gokhale Bridge : नए सिरे से निर्माण करना पड़ेगा- नगर निगम

विवाद होने पर नगर निगम का कहना है कि दोनों पुलों की ऊंचाई में दिक्कत आ गई, इसलिए अब नए सिरे से इसका निर्माण करना पड़ेगा। वहीं एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर दोनों के अलाइनमेंट की कोशिश की गई तो स्वामी विवेकानंद मार्ग और जुहू मार्ग को पूरी तरह से बंद करना पड़ेगा, जिससे मुंबई में जाम का संकट और गहरा जाएगा।

85 करोड़ का निकाला गया था टेंडर

वृहन्नमुंबई नगरपालिका (बीएमसी) की ओर से इस ब्रिज निर्माण के लिए करीब 85 करोड़ रुपये का टेंडर निकाला गया था। ब्रिज का निर्माण स्टील और कंक्रीट के साथ किया जाना था। बीएमसी ने इस पूरे निर्माण को 2 फेज में कराने का निर्णय लिया था, जिससे यातायात बाधित न हो। अब देखना यह है कि इस विकट समस्या से किस तरह और कबतक निजात मिल सकेगी।

महाराष्ट्र सरकार में शहरी विकास विभाग मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पास है। वर्तमान में मुंबई नगर निगम भी उन्हीं के अधीन है। पूरे प्रकरण के बाद शिंदे ही विपक्ष के निशाने पर हैं। हालांकि सीएम शिंदे ने पूरे मामले में अभी तक कुछ नहीं कहा।

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