नई दिल्ली : NEET UG 2024 SC Hearing : सुप्रीम कोर्ट में आज नीट-यूजी पेपर लीक स्कैम की सुनवाई होगी। इस संबंध में आखिरी सुनवाई 18 जून को हुई थी। उस समय सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी एजेंसी एनटीए को अपना पक्ष रखने का आदेश दिया था। इस साल करीब 23 लाख स्टूडेंट्स ने नीट-यूजी परीक्षा दी थी। इन सभी को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में नीट-यूजी 2024 परीक्षा को लेकर 38 याचिकाएं दर्ज की गई हैं।

आज यानी 8 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली 3 न्यायाधीशों की खंडपीठ मामले की सुनवाई करेगी। वहीं इसमें डी. वाई. चंद्रचूड़ के साथ न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा भी रहेंगे। एनटीए ने नीट-यूजी परीक्षा 5 मई को आयोजित की थी। उस दिन कई परीक्षा केंद्रों से पेपर लीक होने व समय पर न पहुंचने जैसी शिकायतें आई थीं। नीट-यूजी पेपर लीक स्कैम की जांच में चौंकाने वाले कई खुलासे हुए।
NEET UG 2024 SC Hearing : केंद्र सरकार और एनटीए की मांग
इस साल नीट-यूजी की परीक्षा 571 शहरों में 4,750 केंद्रों पर आयोजित की गई थी, जिनमें 14 विदेश में भी थे। इसके नतीजे 4 जून को घोषित किए गए थे। हालांकि, रिजल्ट सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया था, क्योंकि 67 उम्मीदवारों को पूरे 720 नंबर हासिल हुए थे। इनमें से 7 लोग एक ही एग्जाम सेंटर के थे। इस मामले में परीक्षार्थियों ने एग्जाम को दोबारा आयोजित करने की मांग की थी।
NEET UG 2024 SC Hearing : एनटीए पर कोर्ट में दायर की गई कई याचिका
एनटीए के शेड्यूल के हिसाब से नीट-यूजी रिजल्ट 14 जून को जारी होना था। लेकिन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने अचानक से 4 जून, 2024 को ही नीट यूजी रिजल्ट जारी कर सबको चौंका दिया था। इसकी पहले से कोई जानकारी भी नहीं दी गई थी। एनटीए के इस फैसले से सभी हैरान रह गए थे। इसके साथ ही इस साल नीट यूजी पर कई आरोप लगाए गए थे, जिनमें अनियमितताओं के चलते इसे रद्द करने, काउंसलिंग पर रोक लगाने और फिर से परीक्षा आयोजित किए जाने की मांगों के साथ सुप्रीम कोर्ट में विभिन्न याचिकाएं दायर की गई थीं।
NEET UG 2024 SC Hearing : नीट यूजी रद्द किए जाने के विरोध में है एनटीए
कुछ उम्मीदवार नीट-यूजी को रद्द करने की मांग कर रहे हैं तो कुछ इसके खिलाफ हैं। वहीं नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने 5 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि गोपनीयता भंग होने के किसी सुबूत के बिना नीट-यूजी परीक्षा को रद्द नहीं किया जाना चाहिए। एनटीए का मानना है कि मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम रद्द होने से इसमें शामिल हुए लाखों ईमानदार अभ्यर्थियों कॅरियर पर इसका प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
वहीं बता दें कि नीट यूजी काउंसलिंग 6 जुलाई से शुरू होने वाली थी, लेकिन उसे भी पोस्टपोन कर दिया गया। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) के तहत मेडिकल काउंसलिंग कमेटी एमसीसी ने अभी तक नीट यूजी और पीजी काउंसलिंग शेड्यूल जारी नहीं किया है। नीट पीजी परीक्षा 23 जून को होने वाली थी, लेकिन नीट यूजी पेपर लीक स्कैम की जांच को देखते हुए उसे स्थगित कर दिया गया था। अब नीट पीजी परीक्षा 11 अगस्त को होगी और उसके बाद ही इसकी काउंसलिंग शुरू होगी।
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