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Jamshedpur News : एनआईटी के छात्रों ने आपदा प्रबंधन के लिए विकसित किया जीवनरक्षक ड्रोन

Jamshedpur News : ड्रोन फेडरेशनल ऑफ इंडिया की ओर से आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता ‘नाइडर’ के फाइनल में पहुंची टीम

by Birendra Ojha
NIT students showcasing life saving drone for disaster management
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जमशेदपुर : आदित्यपुर स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) जमशेदपुर की टीम ‘रोबोआट’ ने आपदा प्रबंधन के लिए जीवनरक्षक ड्रोन विकसित किया है। यह टीम ड्रोन फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीएफआई) द्वारा आयोजित नेशनल इनोवेशन चैलेंज फॉर ड्रोन एप्लिकेशन एंड रिसर्च ‘नाइडर’ के फाइनल राउंड के लिए क्वालीफाई कर लिया। प्रतियोगिता 10 से 18 जनवरी तक गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, दिल्ली में हुई।

एनआईटी के छात्रों द्वारा विकसित जीवनरक्षक ड्रोन आपदा प्रबंधन, निगरानी और मानवीय सहायता के लिए ड्रोन-आधारित समाधानों पर केंद्रित है। प्रतियोगिता के लिए टीम ‘रोबोआट’ ने आपदाओं के दौरान मानव जीवन बचाने के उद्देश्य से दो मिशन-विशिष्ट ड्रोन डिजाइन और विकसित किए। इसमें एक आपदा प्रभावित क्षेत्रों में हवाई निगरानी और स्थिति मूल्यांकन के लिए निगरानी और डेटा संग्रह ड्रोन तथा दूसरा राहत और बचाव अभियानों का समर्थन करने के लिए जीवित रहने की किट को सटीक रूप से गिराने में सक्षम पेलोड डिलीवरी ड्रोन।

ये ड्रोन उच्च गुणवत्ता वाली निर्माण, परिचालन विश्वसनीयता और वास्तविक दुनिया में उपयोगिता पर मजबूत ध्यान केंद्रित कर बनाए गए हैं। टीम में शामिल मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र सुप्रीत सिंह, सौविक नाथ, पल्लव प्रतिहार, अक्षत कुमार, मयंक अग्रवाल, पुष्कर वर्णवाल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के छात्र शुभम गुप्ता ने कहा कि ये ड्रोन जीवन बचाने में क्रांतिकारी साबित हो सकते हैं, क्योंकि ये तेजी से पीड़ितों को खोज सकते हैं। जमीन की स्थिति का आकलन कर सकते हैं और आपदाओं के दौरान फंसे लोगों को आवश्यक सामग्री पहुंचा सकते हैं।

कई मूल्यांकन चरणों को पार करने के बाद, टीम फाइनल स्टेज में पहुंची और भारत की सर्वश्रेष्ठ ड्रोन टीमों के खिलाफ प्रतिस्पर्धा करते हुए हवाई रोबोटिक्स और मिशन-उन्मुख इंजीनियरिंग में मजबूत क्षमताओं का प्रदर्शन किया।

संस्थान ने छात्रों को दी बधाई

एनआईटी के निदेशक प्रो. डॉ. गौतम सूत्रधर, प्रो. सतीश कुमार, डीन (रिसर्च एंड कंसल्टेंसी), डॉ. पी. कुमार, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष तथा डॉ. वीके डल्ला, टीम ‘रोबोआट’ के फैकल्टी इंचार्ज के नेतृत्व और प्रोत्साहन में कार्य किया। टीम को बधाई देते हुए प्रो. गौतम सूत्रधर ने कहा कि टीम ‘रोबोआट’ द्वारा ड्रोन प्रौद्योगिकी में हासिल की गई प्रगति आपदाओं के दौरान जीवन बचाने की मजबूत क्षमता रखती है और यह छात्रों के लिए नवाचार तथा शोध-आधारित इंजीनियरिंग में संलग्न होने का प्रमुख प्रोत्साहन स्रोत भी बनेगी। छात्रों द्वारा विकसित ड्रोन का फाइनल राउंड तक पहुंचना अपने आप में बड़ी बात है।

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