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दीवाली के दिन एक ही घर के बुझे दो चिराग, पैर छूने आए भतीजे ने उतारा मौत के घाट…

by Rakesh Pandey
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नई दिल्ली : दीवाली की रात शाहदरा के बिहारी कॉलोनी में एक परिवार के घर में खुशी उस वक्त मातम में बदल गई, जब घर के दो चिराग को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया। अफसोस मारने वाला भी कोई और नहीं उनके परिवार का ही भतीजा था।

बता दें, एक ही घर के चाचा-भतीजे को गोली मारकर हत्या कर दी गई। वहीं एक और किशोर गोली लगने के चलते अस्पताल में जिदंगी से जूझ रहा है। इस दोहरे हत्याकांड की पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई, सीसीटीवी से साफ है कि दो हमलावरों ने इस दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया है। हत्याकांड के मास्टरमाइंड को दिल्ली पुलिस की टीम ने दबोच लिया है। आरोपी नाबालिग है और पीड़ित परिवार का रिश्तेदार ही है।

70 हजार के लिए उतार दिया मौत के घाट


पुलिस पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि 70 हजार की लेनदेन की वजह से उसने अपने साथी को हत्याकांड की सुपारी देकर इसे अंजाम दिलवाया। 40 वर्षीय आकाश शर्मा दीपावली के दिन अपने भतीजे ऋषभ के साथ घर के बाहर गली में पटाखे जला रहे थे, इसी दौरान दोनों हत्यारे स्कूटी पर सवार होकर आए, इनमें से एक ने आकाश शर्मा के पैर छूए और दूसरा वहीं खड़ा रहा, कुछ समय के बाद आकाश जब पटाखे जलाकर घर के अंदर जाने लगे तो चेहरे पर नकाब पहने खड़े शख्स ने उन्हें पीछे से ताबड़तोड़ करीब 6 गोली मारी।

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से भागने लगे, तो आकाश बड़े भाई योगेश के बेटे ऋषभ ने गोली मार कर भाग रहे हत्यारों का को पकड़ने की कोशिश की जिसके बाद हत्यारों ने उसे भी गोली मार दी। इस गोलीबारी में आकाश शर्मा और भतीजे ऋषभ की मौत हो गई है, जबकि बेटे कृष की हालत नाजुक बनी हुई है, उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां से उसे एम्स में भेज दिया गया।

मृतक आकाश की मां का कहना है लक्ष्य नाम का उनका एक रिश्तेदार पिछले 3-4 दिनों से गली व घर में आ रहा था, दीपावली के दिन वह मिठाई का डिब्बा भी लेकर हमारे घर आया और मुझे मिठाई का डिब्बा देने लगा। लेकिन काफी दिनों से दोनों परिवारों में कोई बोलचाल ना होने के कारण मैने मिठाई लेने से पहले इंकार कर दिया। उसके बाद डिब्बा ले लिया, जिसके बाद वह चला गया।

रात लगभग 8 बजे मेरा बेटा और मेरे दोनों पोते पटाखे फोड़ने की तैयारी कर रहे थे। लक्ष्य दो लोगों के साथ आया और उसने आकाश के पांव छूए तभी मैंने गोली चलने की आवाज सुनी, मैंने देखा कि मेरे बेटे व दोनों पोतों को गोली मार दी गई है।

मृतक आकाश के भाई और मृतक ऋषभ के पिता योगेश कहते हैं, ’घटना कल शाम 8 बजे के आसपास हुई, मेरे भतीजे सहित दो लोग जो दोपहिया वाहन पर सवार थे। और एक अज्ञात पैदल आया था, मेरे भाई और बेटे की मौत हो गई, उस व्यक्ति द्वारा जो दोपहिया वाहन पर था। कुछ समय पहले मेरे भाई का किसी के साथ पैसे को लेकर विवाद हुआ था।

डीसीपी शाहदरा प्रशांत गौतम ने बताया की हत्या और हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने नाबालिक आरोपी को दबोच लिया है। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि आकाश शर्मा ने उसे 70 हजार रुपये देने थे, लेकिन बाद में उसने पैसे देने से इनकार कर दिया। वह आकाश से बदला लेना चाहता था इसलिए उसने आकाश की हत्या के लिए अपने दोस्तों से संपर्क किया और इस वारदात को अंजाम दे दिया।

दीपावली के दिन करीब 8:30 बजे पीसीआर कॉल मिली जिसमें बताया गया कि बिहारी कॉलोनी में फायरिंग हुई है और कुछ लोग घायल हुए हैं, मौके पर पहुंचने पर पता चला कि आकाश (40) उसका भतीजा ऋषभ (16) और उनके बेटे कृष (10) की गोली मारकर हत्या कर दी गई है।
डीसीपी शाहदरा प्रशांत गौतम आरोपी नाबालिग और मृतक आकाश के बीच 70 हजार रुपये को लेकर विवाद था, आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास के आरोप के साथ पूर्व आपराधिक संलिप्तता का रिकॉर्ड है।

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