देवघर : बसंत पंचमी के अवसर पर झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर में आज एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पूजा करने की संभावना है। मिथिलांचल के भक्तों से बाबानगरी का कोना-कोना खचाखच भर गया है। इनका दो दिन पूर्व से ही पहुंचना शुरू हो गया था। बसंत पंचमी के दिन मिथिलावासी तिलकोत्सव का रस्म करते हैं। देवतुल्य श्रद्धालुओं के सुलभ व सुरक्षित जर्लापण कराने के मकसद से जिला प्रशासन ने निर्णय लिया है कि बसंत पंचमी के अवसर पर वीआईपी और वीवीआईपी दर्शन पूर्व की तरह नहीं होगा। इस पर पूरी तरह रोक लगाई गई है।
उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने बताया कि श्रद्धालुओं को सुगमतापूर्वक जलाभिषेक कराने के उद्देश्य से पहले से लिए जा रहे निर्णय के तहत इस साल भी वीआईपी पूजा की सुविधा नहीं रहेगी। इसके अलावा पूर्व की तरह बसंत पंचमी के अवसर पर शीघ्रदर्शनम की सुविधा रहेगी। शीघ्रदर्शनम का शुल्क 600 रुपये रखा गया हे।
बसंत पंचमी के अवसर पर बाबा मंदिर का पट सुबह 3.05 बजे ही खुल गया। प्रात:कालीन पूजा सरदार पंडा गुलाबनंद ओझा ने किया। इसके बाद भक्तों के लिए पट खोल दिया गया।

मिथिलांचल के भक्तों का रेला
गुरुवार को सुबह से ही देवघर का चप्पा-चप्पा मिथिलांचल के भक्तों से पट गया। शुक्रवार को जलाभिषेक करने कतारबद्ध हो गए। इसके बाद तिलकोत्सव करेंगे। अबीर गुलाल खेलेंगे और भैरव पूजा करने के बाद अपने गंतव्य को रवाना हो जाएंगे।
बाबा मंदिर में शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि पर मंदिर का पट खुलने से पहले श्रद्धालुओं की कतार मानसरोवर के पार चली गई। हर हर महादेव के उद्घोष के साथ पूजा हो रही। सुलभ जलार्पण करने के लिए जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कठिनाई न हो। वहीं शीघ्र दर्शनम् के रास्ते पूजा करने वाले श्रद्धालुओं की भी कतार काफी लंबी है। पंचमी मेला को लेकर बड़ी संख्या में मिथिला के श्रद्धालु बाबा धाम पहुंचे हुए हैं। शहर के स्कूल-कॉलेज एवं खुले आसमान के नीचे डेरा डालकर बाबा के तिलकोत्सव में भाग लेने के लिए आना जारी है ।
तिलकहरूओं ने डाला डेरा
नेहरू पार्क, सर्राफ स्कूल प्रांगण, पानी टंकी, पुराना मीना बाजार, क्लब ग्राउंड, देवघर कालेज , चरकी पहाड़ी, प्रोफेसर कालोनी, भुरभुरा चौक आदि स्थानों पर खुले आसमान के नीचे बड़ी संख्या में मिथिला के श्रद्धालु डेरा डालकर भजन-कीर्तन कर रहे हैं, जिससे आसपास का माहौल भक्तिमय बना हुआ है।

