

सेंट्रल डेस्क: दुनिया के अलग-अलग कल्चर को बचाये रखने और संवारने में आर्टिस्ट का बहुत बड़ा योगदान रहा है। आर्ट केवल भावनाओं को व्यक्त करने का जरिया नहीं है, यह समाज के विचारों, कल्चर और इतिहास का दर्पण भी है। कलाकार अपनी आर्ट से हमें दुनिया को अलग तरह से देखने का नजरिया देते हैं। इसलिए हम हर साल 25 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस मनाते हैं!

अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस का इतिहास
अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस की स्थापना 2004 में जॉन टर्नर ने की थी, जो एक कलाकार के साथ-साथ कला के समर्थक भी थे। उन्होंने कला के महत्व को समझाने और कलाकारों को सम्मानित करने के लिए इस दिन की शुरुआत की थी। उन्होंने 25 अक्टूबर की तारीख इसलिए चुनी, क्योंकि इस दिन महान चित्रकार पाब्लो पिकासो का जन्मदिन है। पिकासो एक ऐसे क्रांतिकारी कलाकार थे जिन्होंने 20वीं सदी में कला के बारे में दुनिया की सोच को बदलने में अपना योगदान दिया था।


स्पेन में हुआ था पाब्लो पिकासो का जन्म
पाब्लो पिकासो का जन्म 25th अक्टूबर 1881 में स्पेन में हुआ था, वह 20वीं सदी के महान आर्टिस्ट थे, उनका पूरा नाम इतना बड़ा है की उसमे कुल 25 शब्द आते है। पूरा नाम पाब्लो डिएगो जोस फ्रांसिस्को डी पाउला जुआन नेपोमुसेनो मारिया डे लॉस रेमेडियोस सिप्रियानो डे ला सैंटिसिमा त्रिनिदाद लुइस वाई पिकासो है। हालांकि वह पूरी दुनिया में पाब्लो पिकासो के नाम से प्रसिद्ध हुए।

पिता भी थे पेंटर
पाब्लो के पिता (डॉन जोस रुइज़ वाई ब्लास्को) भी एक पेंटर थे उनकी शुरूआती ट्रेनिंग उन्ही के अंतर्गत हुई थी। पाब्लो के पिता बताते हैं कि पाब्लो ने जो पहला शब्द बोला वह “लैपिज़” था, जिसका स्पेनिश में अर्थ “पेंसिल” होता है। जो उनके दुनिया के सबसे बड़े आर्टिस्ट बनने का एक शुरूआती साइन था।
अलग-अलग शैलियों में किया काम
पाब्लो पिकासो का काम अपनी वैराइटी और नवीनता के लिए फेमस है। उन्हें कई शैलियों की खोज के लिए भी जाना जाता है। उन्होंने ब्लू पीरियड की शुरुआत की, जिसमें दुख और संघर्ष को व्यक्त करने के लिए गहरे नीले रंग का इस्तेमाल किया गया था। इसके बाद रोज पीरियड आया, जिसमें गर्म रंग और सर्कस के कलाकारों जैसे आनंददायक विषय शामिल थे। पिकासो ने जॉर्जेस ब्रेक के साथ मिलकर क्यूबिज्म का भी निर्माण किया था जिसमें चीजों को तोड़कर उन्हें अलग-अलग कोणों से प्रस्तुत किया जाता था।
निजी जिंदगी भी थी रंगीन
पाब्लो की निजी जिंदगी भी किसी हसीन पेंटिंग से कम नहीं थी, उनके जीवनकाल में चार महिलाएं थी और तीन बच्चे थे। उन्होंने बैले डांसर ओल्गा खोखलोवा से शादी की और उनका एक बेटा पाउलो था। ओल्गा के बाद, उन्हें मैरी-थेरेस वाल्टर से प्यार हो गया था, जो केवल 17 साल की युवा कलाकार थीं। जिन्होंने उनके रोज़ पीरियड को प्रेरित किया। बाद में, पिकासो एक कलाकार फ़्रैंकोइस गिलोट के साथ थे, जिनसे उनके दो बच्चे, क्लाउड और पालोमा थे। डोरा मार नाम की एक और महिला के साथ उनके सम्बन्ध थे।
‘काम, सेक्स और तंबाकू’ की लत
पिकासो की जीवनी लिखने वाले लेखक जॉन रिचर्डसन ने उनके बारे में लिखा था कि उन्हें ‘काम, सेक्स और तंबाकू’ की लतें थीं। पाब्लो ने एक महिलाओं के लिए एक कॉन्ट्रवर्सियल स्टेटमेंट भी दिया था जिसमें उन्होंने कहा था की” महिलाएं दो तरह की होती हैं “गोडेस्ट और डोरमैटस। यह महिलाओं के प्रति उनके नकारात्मक रवैये को दर्शाता है।
हालांकि पिकासो के जीवन में महिलाओं ने उनकी कला और रचनात्मकता को बहुत प्रभावित किया। जो उनकी चित्रकारी में साफ झलकता है। इन रिश्तों ने उनके करियर के दौरान उनकी शैली और कलात्मक यात्रा को आकार दिया है।
मशहूर काम जिससे मिली प्रसिद्धि
पिकासो एक बहुत ही सफल कलाकार थे, उन्होंने अपने 91 साल के इस आर्टिस्टिक करियर के अंतर्गत 150,000 से ज़्यादा पेंटिंग, मूर्तियां, कोलाज और रेखाचित्र बनाए। जिनमें “लेस डेमोइसेल्स डी’एविग्नन” (1907) और “ग्वेर्निका” (1937) उनकी फेमस पेंटिंग्स हैं। “लेस डेमोइसेल्स डी”एविग्नन” एक महत्वपूर्ण पेंटिंग है। जिसने आधुनिक कला को बदल दिया, जबकि “ग्वेर्निका” एक युद्ध-विरोधी पेंटिंग है जिसमे स्पेनिश गृहयुद्ध के दौरान ग्वेर्निका शहर के विनाश को दिखाया गया है।
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