पलामू : साल 2024 पलामू पुलिस के लिए सफलता और उपलब्धियों से भरा रहा। जिले में शांतिपूर्ण तरीके से लोकसभा और विधानसभा चुनाव कराए गए। यह पहला मौका था जब तीन दशकों में चुनाव के दौरान किसी बूथ पर हिंसा नहीं हुई और रिपोलिंग की जरूरत नहीं पड़ी। नशा तस्करों और नक्सलियों के खिलाफ भी पुलिस का अभियान तेज रहा।
हथियार और नशा तस्करी पर सख्ती
पलामू पुलिस ने इस साल 47 देसी और तीन ऑटोमेटिक हथियारों के साथ 1132 गोलियां जब्त कीं। इसके अलावा, 11.33 किलो अफीम और 64 किलो से अधिक गांजा बरामद किया गया। नशा तस्करों पर शिकंजा कसते हुए पुलिस ने 100 एकड़ से अधिक जमीन पर उगाई गई पोस्ता की खेती को नष्ट किया।
अपराध नियंत्रण: सजा और गिरफ्तारियां
एसपी रीष्मा रमेशन ने मंगलवार को एक प्रेस वार्ता में साल 2024 का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि:
1368 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।
10 लाख के इनामी माओवादी सीता राम रजवार सहित 29 नक्सली गिरफ्तार हुए।
37 अपराधियों को सजा दिलाई गई, जिसमें 21 हत्या के आरोपियों को सजा हुई।
पॉक्सो के चार, रंगदारी के एक, लूट के दो, और आर्म्स एक्ट के दो अभियुक्तों को भी सजा हुई।
अपराध पर कड़ी नजर
पुलिस ने इस साल 3381 मामलों का पंजीकरण किया और 2853 मामलों में अनुसंधान पूरा किया। 3630 वारंट का निष्पादन किया गया, जबकि 83 कुर्की और 355 स्थायी वारंट की कार्रवाई हुई।
नक्सली मोर्चे पर सफलता
नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पलामू पुलिस ने माओवादी गतिविधियों पर नियंत्रण पाया। गिरफ्तार नक्सलियों में से कई प्रमुख नाम हैं, जिनके पकड़ने से इलाके में शांति बनी है।
पहली बार बिना सीआरपीएफ चुनाव
पिछले तीन दशकों में यह पहली बार हुआ कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव के दौरान सीआरपीएफ का इस्तेमाल नहीं किया गया। दोनों चुनाव पूरी तरह हिंसामुक्त रहे।

