BRICS Summit: 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के सफल आय़ोजन पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन को धन्यवाद दिया है। मोदी ने कहा कि ब्रिक्स से जुड़ने वाले नए सदस्यों का मैं ह्दय से स्वागत करता हूं। अपने नए रुप में ब्रिक्स विश्व की 40 फीसदी मानवता और 30 फीसदी अर्थव्यवस्था को रिप्रेजेंट करता है।

ब्रिक्स की उपलब्धियों का बखान करते हुए पीएम ने कहा कि पिछले दो दशकों में ब्रिक्स ने कई उपलब्धियां हासिल की है। मुझे विश्वास है कि आने वाले दिनों में यह संगठन वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए एक प्रभावी माध्यम बनकर उभरेगा।
आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता
आगे पीएम ने कहा कि ब्रिक्स बातचीत और कूटनीति का समर्थन करता है, युद्ध का नहीं। सम्मेलन के पूरण सत्र को संबोधित करते हुए पीएम ने आतंकवाद औऱ टेरर फंडिंग के खिलाफ एकजुटता का भी आह्वान किया। आतंकवाद पर दोहरा चेहरा वाली प्रवृति स्वीकार नहीं की जाएगी। पीएम ने जलवायु परिवर्तन, आर्थिक अनिश्चितता और आतंकवाद जैसे मुद्दों पर खुलकर बात की और कहा कि खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, स्वास्थय सुरक्षा, जल सुरक्षा को सुनिश्चित करना दुनिया के सभी देशों के लिए प्राथमिकता के विषय है।
AI का उपयोग समझदारी से
साइबर सुरक्षा पर बात करते हुए पीएम ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का उपयोग बुद्धिमता से करना होगा। तकनीत के युग में साइबर डीपफेक एवं दुष्प्रचार जैसी नई समस्याएं उत्पन्न हो गई है। मोदी ने कहा कि एक विविध और समावेशी मंच के रूप में ब्रिक्स सकारात्मक भूमिका निभाएगा।
गौरतलब है कि इससे पहले अपने संबोधन में रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने कहा कि ब्रिक्स में शामिल होने के लिए हमारे पास 30 से अधिक देशों के आवेदन आए है। जिसे नजरअंदाज करना गलत होगा। लेकिन इसके साथ ही न्होंने संतुलन की भी बात कही। आगे उन्होंने कहा कि समूह इस संबंध में चर्चा करेगा।
दूसरी ओर, चीनी मीडिया में भारत-चीन के प्रमुखों की मुलाकात को लेकर चर्चा जोरों पर है। ब्रिक्स समिट में मोदी और जिनपिंग की आज मुलाकात होने वाली है, जिस पर दुनियाभर की निगाहें टकटकी लगाए हुए है। इससे पहले दोनों देशों ने एलएसी के मसले को सुलझा लिया है।

