नई दिल्ली/पटना: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर साल बोर्ड एग्जाम से पहले छात्रों के साथ “परीक्षा पर चर्चा” करते हैं। इस साल यह कार्यक्रम दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित किया गया था, जहां उन्होंने 10वीं और 12वीं के छात्रों से तनावमुक्त रहने के बारे में बात की। इस दौरान, बिहार के गया जिले के 12वीं के छात्र विराज ने प्रधानमंत्री मोदी से लीडरशिप पर एक सवाल पूछा, जिस पर प्रधानमंत्री ने प्रेरणादायक उत्तर दिया।
विराज का सवाल:
विराज ने पीएम मोदी से पूछा, “आप इतने बड़े ग्लोबल लीडर हैं और आपने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है, क्या आप हमें कुछ ऐसी बातें बता सकते हैं जो आपके जीवन के अनुभवों से जुड़ी हों और जो हमें भी मदद कर सकें, ताकि हम आगे बढ़ सकें?”
बिहार के लड़के ने पूछा राजनीतिक सवाल, पीएम मोदी ने दिया प्रेरक उत्तर:
पीएम मोदी ने इस सवाल का उत्तर देते हुए कहा, “विराज, बिहार का लड़का और राजनीति का सवाल न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता! बिहार के लोग बहुत तेजस्वी होते हैं।” इसके बाद, पीएम मोदी ने लीडरशिप के बारे में अपने विचार साझा किए और बताया कि लीडरशिप का मतलब सिर्फ मंच पर भाषण देना या कुर्ता-पाजामा पहनना नहीं है।
खुद को उदाहरण बनाना होगा:
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि लीडरशिप एक ऐसी चीज है, जो दूसरों को प्रेरित करती है। अगर आप किसी को बिना किसी कारण के पसंद करते हैं, तो वह आपका अनुसरण करेगा। उदाहरण के लिए, अगर एक क्लास मॉनीटर सिर्फ यह कहे कि “मैं मॉनीटर हूं”, तो कोई नहीं सुनेगा। लेकिन अगर वह खुद को उदाहरण बनाकर दूसरों के प्रति सहानुभूति और सहायता दिखाए, तो लोग उसका सम्मान करेंगे।
“रिस्पेक्ट डिमांड नहीं होती, इसे अर्जित किया जाता है”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लीडरशिप “डिमांड” नहीं करती, बल्कि यह अपने कार्यों और व्यवहार से अर्जित की जाती है। यदि आप किसी को मदद करते हैं और उसकी कठिनाईयों को समझते हैं, तो आपको सम्मान मिलेगा। उदाहरण देते हुए पीएम ने कहा कि अगर क्लास मॉनीटर किसी से कहे, “तुम बीमार लग रहे हो, क्या तुम ठीक हो?” तो उस छात्र को यह महसूस होगा कि मॉनीटर उसकी परवाह करता है, और तब वह उसे फॉलो करेगा।
“कठिनाइयां समझनी होंगी”:
प्रधानमंत्री ने बच्चों को बताया कि लीडर बनने के लिए टीम वर्क और धैर्य दोनों महत्वपूर्ण हैं। यदि हम किसी से काम करवा रहे हैं और वह समय पर काम पूरा नहीं करता, तो हमें यह समझना होगा कि उसकी कठिनाई क्या थी, ताकि हम उसकी मदद कर सकें।
विश्वास ही लीडरशिप को मान्यता देगा:
प्रधानमंत्री ने कहा कि एक अच्छा लीडर वही होता है, जो अपने साथियों की मदद करता है और उनके विश्वास को अर्जित करता है। जब आप किसी का विश्वास जीतते हैं, तो आपकी लीडरशिप को मान्यता मिलती है।
बच्चे की कहानी
प्रधानमंत्री मोदी ने एक प्रेरक कहानी भी सुनाई, जिसमें एक बच्चा अपने पिता से कहता है कि “आप मेरा हाथ पकड़िए”। इसके बाद, प्रधानमंत्री ने बताया कि इस बात में बड़ा फर्क है, क्योंकि जब बच्चा अपने पिता का हाथ पकड़ता है, तो उसे यह विश्वास होता है कि उसका पिता कभी भी उसका हाथ नहीं छोड़ेगा, चाहे कोई भी परिस्थिति हो।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस प्रकार बच्चों को लीडरशिप और जीवन में सफलता के लिए जरूरी गुणों के बारे में गहरे और प्रेरक विचार दिए, जो न केवल छात्रों के लिए बल्कि हर व्यक्ति के लिए उपयोगी हैं।

