नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार, 6 मई को एक निजी समाचार चैनल के विशेष कार्यक्रम में सिंधु जल समझौते पर पहली बार सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया दी। हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा सिंधु जल समझौते को निलंबित करने की घोषणा की गई थी, जिसके बाद पाकिस्तान में हड़कंप मच गया है।
पानी को लेकर हो रही चर्चा पर पीएम मोदी की टिप्पणी
कार्यक्रम के दौरान जब पानी को लेकर सवाल आया, तो पीएम मोदी ने मुस्कुराते हुए कहा, “आजकल पानी को लेकर बहुत चर्चा हो रही है।” इस पर वहां मौजूद दर्शक हंस पड़े और तालियों की गूंज सुनाई दी। उन्होंने आगे कहा, “आप लोग बहुत जल्दी समझ जाते हैं।”
पीएम मोदी ने दो टूक कहा कि, “पहले भारत के हक का पानी भी देश से बाहर चला जाता था, लेकिन अब यह भारत के लाभ के लिए बहेगा और देश के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।”
Read also : Operation Sindoor: भारत ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर की एयर स्ट्राइक, नौ ठिकानों को बनाया निशाना
राष्ट्रीय हित सर्वोपरि: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा, “बड़े निर्णय लेने और उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देना और देश की क्षमता पर विश्वास रखना अत्यंत आवश्यक है। दशकों तक देश में ऐसी व्यवस्था रही, जहां किसी बड़े निर्णय से पहले यह सोचा जाता था कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय क्या कहेगा या वोट बैंक पर क्या असर होगा।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि अब सरकार निर्णय लेने में देरी नहीं करेगी और जो भी देशहित में आवश्यक होगा, उसे प्राथमिकता दी जाएगी।
पाकिस्तान पर सख्त संदेश
पीएम मोदी की यह टिप्पणी उस समय आई है जब भारत ने हाल ही में सिंधु जल समझौते को निलंबित कर दिया है। यह कदम जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद उठाया गया, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी। भारत ने इस हमले के पीछे पाकिस्तान समर्थित आतंकियों का हाथ बताया है।
क्या है सिंधु जल समझौता?
सिंधु जल संधि 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच विश्व बैंक की मध्यस्थता में हुई थी, जिसके तहत भारत सतलुज, ब्यास और रावी नदियों पर और पाकिस्तान सिंधु, झेलम और चिनाब नदियों पर अधिकार रखता है। अब भारत ने यह साफ कर दिया है कि वह अपने हिस्से के पानी का पूरा उपयोग करेगा।

