नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को 11 राज्यों के धार्मिक और पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाली नौ ‘वंदे भारत’ रेलगाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस मौके पर उन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि बुनियादी ढांचे के विकास की गति व पैमाना 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं को पूरा केंगे। वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से वंदे भारत एक्सप्रेस रेलगाड़ियों को हरी झंडी दिखाते हुए मोदी ने रेलवे के आधुनिकीकरण पर पर्याप्त ध्यान नहीं देने के लिए पूर्ववर्ती सरकारों की भी आलोचना की और आश्वासन दिया कि वह दिन दूर नहीं जब वंदे भारत रेलगाड़ियों की श्रृंखला से देश का हर हिस्सा जुड़ जायेगा।

राज्यपाल, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और निर्वाचित प्रतिनिधि उन नौ रेलवे स्टेशनों पर मौजूद थे, जहां से स्वदेश निर्मित सेमी-हाई स्पीड रेलगाड़ियों को हरी झंडी दिखाई गयी। ये रेलगाड़ियां रवाना किए जाने के बाद विभिन्न स्टेशनों पर रुकीं, जहां उत्साही स्कूली बच्चों और लोगों की भीड़ ने उनका स्वागत किया।
राजनेताओं को भा रही वंदे भारत की सवारी :
केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी और भाजपा की राजस्थान इकाई के अध्यक्ष सीपी जोशी उदयपुर में वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन में सवार हुए और चित्तौड़गढ़ तक की यात्रा की। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं ने ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाये। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि वंदे भारत रेलगाड़ियों की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है और 1.11 करोड़ से अधिक यात्री पहले ही इनमें यात्रा कर चुके हैं।
उन्होंने कहा कि 25 वंदे भारत एक्सप्रेस रेलगाड़ियां पहले से ही संचालित हो रही हैं तथा रविवार को इसमें नौ और रेलगाड़ियां जुड़ गईं। मोदी ने कहा कि देश में बुनियादी ढांचे के विकास की यह गति और पैमाना 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं से बिलकुल मेल खाता है।
नयी वंदे भारत रेलगाड़ियां 11 राज्यों-राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, बिहार, पश्चिम बंगाल, केरल, ओडिशा, झारखंड और गुजरात में तेजी से संपर्क प्रदान करेंगी।
रेलवे के कायाकल्प पर सरकार का फोकस :
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय रेलवे भारत के गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों का सबसे भरोसेमंद सहयात्री है। एक दिन में रेलवे में यात्रा करने वाले लोगों की संख्या कई देशों की आबादी से अधिक है। मोदी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया। लेकिन अब हमारी सरकार भारतीय रेलवे के कायाकल्प के लिए काम कर रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे विश्वास है कि भारतीय रेलवे और समाज में हर स्तर पर हो रहे बदलाव विकसित भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे।
उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हर राज्य और हर राज्य के लोगों का विकास जरूरी है।
स्वार्थी सोच ने देश को बहुत नुकसान पहुंचाया : मोदी
मोदी ने कहा कि पहले के रेल मंत्रियों द्वारा अपने राज्य में रेलवे के विकास पर ध्यान केंद्रित किए जाने की स्वार्थी सोच ने देश को बहुत नुकसान पहुंचाया है लेकिन अब उनकी सरकार इस दिशा में काम कर रही है कि कोई भी राज्य पीछे न छूटे।उन्होंने कहा कि हमें सबका साथ, सबका विकास के दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ना होगा।
मोदी ने इस अवसर पर कहा कि वंदे भारत ट्रेन की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है और देश के हर हिस्से में इसकी मांग हो रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन स्टेशनों तक वंदे भारत एक्सप्रेस की सुविधा पहुंच रही है वहां पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है और साथ ही रोजगार के नये अवसर भी पैदा हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वंदे भारत रेलगाड़ियों ने पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी ला दी है।प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में आज आत्मविश्वास का जो वातावरण बना है वैसा पिछले कई दशकों में नहीं हुआ है।
इरादे मजबूत हों तो कुछ भी संभव :
मोदी ने कहा कि अगर इरादे मजबूत हों तो कठिन से कठिन लक्ष्यों को भी हासिल किया जा सकता है। विशेष तौर पर जी20 के सफल आयोजन का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इसकी कामयाबी ने यह विश्वास दिलाया है कि भारत के पास लोकतंत्र और भौगोलिक परिस्थिति के साथ ही अपनी विविधता की अमूल्य ताकत है और इसके कौशल की दुनिया भर में चर्चा हो रही है। महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने वाले 128वें संविधान संशोधन का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इसके लागू होने के बाद हर क्षेत्र में महिलाओं के योगदान और उनकी भूमिका में वृद्धि होगी।
रेलवे को बनाया जा रहा आधुनिक :
देश के कई रेलवे स्टेशनों का संचालन पूरी तरह से महिला कर्मचारियों द्वारा किए जाने के लिए उन्होंने भारतीय रेलवे को बधाई दी और कहा कि उनकी सरकार रेलवे में यात्रा की सुगमता पर लगातार जोर दे रही है। मोदी ने कहा कि रेलवे के पहले के बजट में उनकी सरकार ने कई गुना वृद्धि की है और रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में तेजी से काम कर रही है तथा यात्रियों के लिए सुविधा पर जोर दे रही है। अपने संबोधन के बाद प्रधानमंत्री ने 11 राज्यों के धार्मिक और पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाली नौ ‘वंदे भारत’ रेलगाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन राज्यों में राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, बिहार, पश्चिम बंगाल, केरल, ओडिशा, झारखंड और गुजरात शामिल हैं।
इन रूट पर वंदे भारत ट्रेन का सफर शुरू :
नयी वंदे भारत रेलगाड़ियां उदयपुर-जयपुर, तिरुनेलवेली-मदुरै-चेन्नई, हैदराबाद-बेंगलुरु, विजयवाड़ा-चेन्नई, पटना-हावड़ा, कासरगोड-तिरुवनंतपुरम, राउरकेला-भुवनेश्वर-पुरी, रांची-हावड़ा और जामनगर-अहमदाबाद के बीच चलेंगी।
राउरकेला-भुवनेश्वर-पुरी वंदे भारत एक्सप्रेस और तिरुनेलवेल्ली-मदुरै-चेन्नई वंदे भारत एक्सप्रेस से पुरी और मदुरै जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों के बीच संपर्क सुविधा बढ़ेगी। विजयवाड़ा-चेन्नई वंदे भारत एक्सप्रेस रेनीगुंटा के रास्ते संचालित होगी और तिरुपति धार्मिक स्थल तक संपर्क उपलब्ध कराएगी। बयान में कहा गया, वंदे भारत ट्रेन अपने संचालन के मार्गों पर सबसे तेज गति वाली ट्रेन होंगी और इससे यात्रियों का काफी समय बच सकेगा।
राउरकेला-भुवनेश्वर-पुरी ट्रेन का शुभारंभ :
इसके मुताबिक, राउरकेला-भुवनेश्वर-पुरी और कासरगोड-तिरुवनंतपुरम मार्ग पर वर्तमान की सबसे तेज ट्रेन की तुलना में, वंदे भारत ट्रेन से संबंधित गंतव्यों के बीच यात्रा के समय में लगभग तीन घंटे कम हो जाएंगे। इसी तरह, हैदराबाद-बेंगलुरु के मार्ग पर ढाई घंटे से अधिक जबकि तिरुनेलवेली-मदुरै-चेन्नई मार्ग पर सफर में दो घंटे से अधिक समय बचेगा। वंदे भारत ट्रेन के जरिये रांची-हावड़ा, पटना-हावड़ा और जामनगर-अहमदाबाद के बीच यात्रा का समय इन गंतव्यों के बीच वर्तमान में उपलब्ध सबसे तेज ट्रेन की तुलना में लगभग एक घंटे कम हो जाएगा। इसी तरह, वंदे भारत से उदयपुर-जयपुर के बीच यात्रा का समय करीब आधा घंटा कम हो जाएगा।
यात्रियों के सुझाव के आधार पर नयी सुविधाओं से लैस नौ वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरुआत
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को नौ वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का उद्घाटन किया जिसमें यात्रियों के सुझाव के आधार पर कुछ नयी सुविधाएं जोड़ी गई हैं ताकि यात्रा को और आरामदायक बनाया जा सके। सीट के झुकाव से लेकर पानी को छलक कर बाहर आने से रोकने के लिए बेसिन की गहराई बढ़ाने तक की छोटी से छोटी जरूरत का कोच निर्माता ने बारीकी से ध्यान रखा है। रेलवे ने पहली बार नारंगी रंग की वंदे भारत एक्सप्रेस का परिचालन कासरगोड से तिरुवंतनपुरम के बीच शुरू किया है। भारतीय रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लोगों की भारी मांग पर इस मार्ग पर वंदे भारत एक्सप्रेस का परिचालन शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि अगले दो महीने में नौ और नारंगी रंग की वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का परिचालन शुरू होने की उम्मीद है।
यात्रियों के सुझाव के बाद ट्रेन में जो बदलाव किए गए हैं उनमें सीट का झुकाव 17.31 डिग्री से बढ़ाकर 19.37 डिग्री किया जाना और सीट में लगे गद्दों को और ठोस बनाना शामिल है। इसी के साथ एक्जिक्यूटिव श्रेणी की सीट का रंग लाल से बदलकर सुकून देने वाले नीले रंग का कर दिया गया है।
नयी वंदे भारत ट्रेन में मोबाइल चार्जर प्वांइट को अधिक सुलभ बनाने के लिए उसे सीट के नीचे दिया गया है और एक्जिक्यूटिव श्रेणी की आखिरी सीट के लिए भी पैर फैलाने के लिए और जगह दी गई है। नयी ट्रेन में जिन सुविधाओं में सुधार किया गया है उनमें शौचालय की बेसिन की गहराई को बढ़ाना शामिल है ताकि पानी बाहर नहीं छलके, शौचालय में बेहतर रोशनी के लिए 1.5 वॉट के बल्ब के स्थान पर 2.5 वॉट का बल्ब लगाया गया है, बेहतर पकड़ के लिए शौचालय के हैंडल में अधिक झुकाव और नल में बदलाव किया गया है। नई सुविधाओं में दिव्यांग यात्रियों की व्हील चेयर के लिए सुरक्षित स्थान का प्रावधान शामिल है। इसके अलावा पहले से बेहतर अग्नि संवेदक लगाए गए हैं।
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