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Bandra Terminal : ट्रेन में चढ़ने की होड़ : बांद्रा टर्मिनल पर मची भगदड़ से 9 लोग घायल

इस घटना ने एक बार फिर रेल सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के मुद्दों को उठाया है।

by Rakesh Pandey
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मुंबई : शहर के बांद्रा टर्मिनल पर रविवार की सुबह एक भयानक हादसा हुआ। ट्रेन में चढ़ने के लिए यात्रियों के बीच मची भगदड़ से 9 लोग घायल हो गए। यह घटना सुबह करीब 6 बजे के आसपास हुई, जब लोग बांद्रा-गोरखपुर एक्सप्रेस ट्रेन में चढ़ने के लिए एकत्रित हुए थे। हादसे की सूचना मिलते ही घायलों को तत्काल भाभा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

घटनास्थल पर उपस्थित लोगों के अनुसार, भगदड़ की स्थिति उस समय उत्पन्न हुई जब यात्रियों ने एक साथ ट्रेन में चढ़ने का प्रयास किया। पश्चिम रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि ट्रेन का समय निर्धारित था और यात्रियों में इसे पकड़ने की जल्दबाज़ी ने इस अप्रिय घटना को अंजाम दिया। हादसे में घायल हुए यात्रियों की पहचान की गई है, जिनमें शबीर अब्दुल रहमान (40), परमेश्वर सुखदर गुप्ता (28), रवींद्र हरिहर चूमा (30), रामसेवक रवींद्र प्रसाद प्रजापति (29), संजय तिलकराम कांगे (27), दिव्यांशु योगेंद्र यादव (18), मोहम्मद शरीफ शेख (25), इंद्रजीत सहनी (19) और नूर मोहम्मद शेख (18) शामिल हैं।

BMC के सूत्रों के अनुसार, इनमें से दो घायलों की हालत गंभीर है, जबकि अन्य का इलाज जारी है। डॉक्टरों की एक टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। हादसे के तुरंत बाद, स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है और अधिकारियों ने यात्रियों से सावधानी बरतने की अपील की है।

इस घटना ने एक बार फिर रेल सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के मुद्दों को उठाया है। ऐसे हादसे अक्सर तब होते हैं, जब यात्री अपनी यात्रा के प्रति अधीरता दिखाते हैं, विशेषकर त्योहारों या छुट्टियों के दौरान। ट्रेन में चढ़ने की होड़ और उसे पकड़ने की जल्दबाज़ी में, लोग अपनी सुरक्षा का ध्यान नहीं रखते, जिससे अनर्थ हो सकता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए रेलवे को कुछ ठोस कदम उठाने चाहिए। जैसे, प्लेटफार्म पर बैठने की व्यवस्था, प्रतीक्षा कक्षों में बैठने की सुविधा और समय पर ट्रेन की जानकारी प्रदान करना आवश्यक है। इसके अलावा, सुरक्षा गार्डों की संख्या में भी वृद्धि की जानी चाहिए, ताकि वे भीड़ को नियंत्रित कर सकें और इस तरह के हादसों को टाल सकें।

कई यात्री इस घटना के बाद डरे हुए हैं और उन्होंने अपने अनुभव साझा किए हैं। एक यात्री ने कहा, ‘मैंने देखा कि लोग एक साथ दौड़ रहे थे और किसी को समझ नहीं आ रहा था कि क्या करना है। सभी ट्रेन पकड़ने की कोशिश कर रहे थे’। वहीं, एक अन्य ने कहा, ‘इस तरह की भगदड़ में क्या हो सकता है, इसका हमें अंदाजा नहीं था। हमें हमेशा सावधानी बरतनी चाहिए’।

इस हादसे ने न केवल यात्रियों को, बल्कि रेलवे प्रशासन को भी एक चेतावनी दी है कि उन्हें इस तरह के संकटों से निपटने के लिए बेहतर योजनाएं बनानी होंगी। दुर्घटनाओं से बचने के लिए यात्रियों को भी अपनी जिम्मेदारियों का एहसास करना चाहिए और समझदारी से व्यवहार करना चाहिए।

आखिरकार, सुरक्षित यात्रा सभी का अधिकार है, और इसके लिए हमें मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है। आशा है कि इस घटना के बाद रेलवे प्रशासन गंभीरता से सुरक्षा उपायों पर विचार करेगा और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए कदम उठाएगा।

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