पुरी (ओडिशा)। पुनर्विकसित Puri Station प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर की पारंपरिक वास्तुकला विशेषताओं को प्रतिबिंबित करेगा और यह यात्रियों के लिए सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। स्टेशन पुनरुद्धार कार्य में लगी कंपनी ने यह जानकारी दी। स्टेशन पुनर्विकास परियोजना की जानकारी देते हुए कंपनी ने कहा कि यह कार्य अगले साल जुलाई तक पूरा होने की उम्मीद है। कंपनी के मुताबिक, Station का पुनर्निर्माण ईसा पूर्व चौथी शताब्दी की कलिंग वास्तुकला के अनुसार किया जा रहा है।

Puri Station : जनवरी 2023 से चल रहा रेनोवेशन का काम
रथ आर्किटेक्टोनिक के प्रतीक रथ ने कहा कि चूंकि, प्रतिष्ठित जगन्नाथ मंदिर वास्तुकला की कलिंग शैली का एक जीवंत उदाहरण है, इसलिए Station का बाहरी हिस्सा इसे प्रतिबिंबित करेगा। भारतीय रेलवे ने जुलाई 2022 में कंपनी को स्टेशन के पुनर्विकास का अनुबंध दिया और कार्य जनवरी 2023 में शुरू हुआ था।
Puri Station : कलिंग मंदिर वास्तुकला करेगा आकर्षित
कंपनी के मनोंजय रथ ने कहा कि कलिंग वास्तुकला में, मूल रूप से एक मंदिर को दो भागों एक शिखर और एक मंडपम में बनाया जाता है। शिखर को ‘देउला’ और मंडपम को ‘जगमोहन’ कहा जाता है। Puri Station का डिजाइन प्रवेश द्वार पर ‘देउला’ और पीछे के हिस्से में ‘जगमोहन’ की अवधारणा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि Puri Station के डिजाइन में कलिंग मंदिर वास्तुकला में इस्तेमाल की गई स्थानीय सामग्रियों और पत्थर का उपयोग किया गया है।
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