RANCHI: रांची जिला प्रशासन द्वारा जनता दरबार के बेहतर संचालन और शिकायतों के त्वरित निष्पादन को लेकर गंभीर पहल की जा रही है। उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने समाहरणालय में हर सोमवार आयोजित होने वाले जनता दरबार की समीक्षा को लेकर जिले के वरीय पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता दरबार आम नागरिकों और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का सशक्त माध्यम है। इसमें प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भूमि से जुड़े मामलों पर फोकस
समीक्षा बैठक में विशेष रूप से भूमि से जुड़े मामलों पर फोकस किया गया। उपायुक्त ने कहा कि रांची जिले में भूमि संबंधी विवाद, दाखिल-खारिज, म्यूटेशन, सीएनटी-एसपीटी एक्ट से संबंधित प्रकरण और अन्य भूमि विवाद लंबे समय तक लंबित नहीं रहने चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी संबंधित विभाग पारदर्शिता, निष्पक्षता और समयबद्धता के साथ भूमि मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करें। जिससे कि आम जनता को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
कल्याणकारी योजनाओं को लेकर दिया निर्देश
उपायुक्त ने जनता दरबार में प्राप्त शिकायतों की क्रमवार समीक्षा करते हुए उनके निष्पादन की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा की। साथ ही अधिकारियों को जन कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य सिर्फ शिकायत सुनना नहीं, बल्कि उसका ठोस और स्थायी समाधान करना है।
इनकी रही मौजूदगी
बैठक में अपर समाहर्ता रांची रामनारायण सिंह, विशिष्ट अनुभाजन पदाधिकारी मोनी कुमारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी रामगोपाल पांडेय, जिला भू-बंदोबस्त पदाधिकारी, सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी राजीव कुमार, जिला जन संपर्क पदाधिकारी उर्वशी पांडेय, जिला नीलाम पत्र पदाधिकारी सहित सभी मजिस्ट्रेट और संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

