RANCHI: राज्य का सबसे बड़ा सरकारी हॉस्पिटल रिम्स आए दिन चर्चा में रहता है। कभी उपलब्धियों को लेकर तो कभी अव्यवस्था को लेकर। ऐसे में एकबार फिर से रिम्स चर्चा में है। जहां नई एजेंसी ने रिम्स किचन में काम संभाल लिया है। वहीं मरीजों को खाना भी परोस रही है। लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात है कि मेन्यू के बावजूद मरीजों को खाने में खिचड़ी ही परोसी जा रही है। खाने में दिए जाने वाले सभी आइटम एक साथ मिक्स हो जा रहे है। इस वजह से मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं कई मरीज तो खाने से पहले कई बार सोचने को मजबूर है।
हर दिन बन रहा 1500 मरीजों का खाना
जानकारी के अनुसार रिम्स में हर दिन 1500 से अधिक मरीजों के लिए भोजन तैयार किया जा रहा है। नियम के मुताबिक मरीजों की बीमारी और डायटिशियन की सलाह के अनुसार उन्हें अलग-अलग प्रकार की डाइट उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इसमें सामान्य भोजन, लिक्विड आहार, प्रोटीन युक्त भोजन या विशेष डाइट शामिल रहती है। लेकिन मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि ज्यादातर मामलों में उन्हें एक जैसा भोजन दिया जा रहा है। कई लोगों को एक ही डाइट दी जा रही है।
पॉलीथीन में परोसी जा रही रोटी
डाइट वितरण की प्रक्रिया भी मनमानी ढंग से चल रही हैं।मरीजों को रोटी सिंगल यूज प्लास्टिक में लपेटकर दी जा रही है, जो मरीजों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। वहीं दाल को भी पॉलीथीन से ही कवर करके परोसा जा रहा है। एक्सपर्ट्स की मानें तो गर्म खाने को प्लास्टिक में रखने से हानिकारक रसायन भोजन में मिल सकते हैं। जिससे स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में यह व्यवस्था मरीजों को स्वस्थ करने के बजाय बीमार कर सकती है।
एजेंसी को दिया गया है काम
बता दें कि रिम्स प्रबंधन ने मरीजों को खाने की व्यवस्था का जिम्मा टेंडर के माध्यम से घोष एंड रॉय कंपनी को दे दिया है। एजेंसी पर आरोप है कि वह तय मानकों और गुणवत्ता का पालन नहीं कर रही है। इस मामले को लेकर मरीजों और उनके परिजनों में नाराजगी देखी जा रही है। हालांकि रिम्स में उनके पास दूसरा कोई ऑप्शन भी नहीं है। मरीज का इलाज कराने के दौरान बाहर से खाना लाकर भी नहीं दे सकते। ऐसे में जो मिल रहा है वहीं मरीजों को खिलाया जा रहा है।
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