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रतन टाटा के निधन से जमशेदपुर में शोक की लहर, पूजा पंडालों में बंद गाना-बजाना

जमशेदपुर दुर्गा पूजा केंद्रीय समिति के महासचिव ने अपील जारी कर कहा, "शहर के तमाम दुर्गा पूजा समितियों से केंद्रीय समिति अपील करती है कि हम सबो के आदर्श, प्रेरणा स्रोत, युगपुरुष, रतन टाटा जी के निधन पर अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कम से कम एक दिन सादगी से पूजा को मनाई जाए।

by Priya Shandilya
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9 अक्टूबर 2024 की देर शाम जब पूरा जमशेदपुर नवरात्रि के उल्लास में डूबा हुआ था, तब मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में दिग्गज उद्योगपति और टाटा के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा का निधन हो गया। उनकी मौत की खबर जैसे ही शहर में फैली, हर तरफ खामोशी छा गई। आज अष्ठमी पर जमशेदपुर शहर में हर तरफ गम का माहौल है।

जमशेदपुर के सभी पूजा पंडालों में बज रहे गाने बंद कर दिए गए हैं। जमशेदपुर दुर्गा पूजा केंद्रीय समिति के महासचिव ने अपील जारी कर कहा, “शहर के तमाम दुर्गा पूजा समितियों से केंद्रीय समिति अपील करती है कि हम सबो के आदर्श, प्रेरणा स्रोत, युगपुरुष, रतन टाटा जी के निधन पर अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कम से कम एक दिन सादगी से पूजा को मनाई जाए। यदि संभव हो तो उनके तस्वीर को पूजा पंडाल में श्रद्धांजलि अर्पित किया जाए।” रतन टाटा को श्रद्धांजलि अर्पित करना बेशक बनता है। उन्होंने दुनिया में जमशेदपुर को लौहनगरी और एक विकसित शहर का दर्जा दिलाया और इस शहर से उनका खास नाता रहा है।

टाटा स्टील प्लांट में भी एक मिनट का मौन धारण कर सभी अधिकारीयों और कर्मचारियों ने रतन टाटा को श्रद्धांजलि अर्पित की है। जब यह खबर आई थी तब लोग घरों से निकलकर टाटा स्टील के प्लांट के गेट के पास उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंच गए थे। पूजा कमेटी के लोगों ने अपने अपने पंडालों में गीत संगीत, भजन, स्पीकर्स को पूरी तरह बंद कर दिया और रतन टाटा के लिए दो मिनट का मौन भी रखा।

झारखंड में एक दिन का राजकीय शोक

रतन टाटा के निधन पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर लिखा, “विश्वास नहीं हो रहा …. मरांग बुरु रतन टाटा जी की आत्मा को शांति प्रदान करें।” एक अन्य पोस्ट में मुख्यमंत्री ने लिखा, “झारखंड जैसे देश के पिछड़े राज्य को विश्व में पहचान दिलाने वाले टाटा समूह के पूर्व चेयरमैन एवं पद्मविभूषण श्री रतन टाटा जी के देहावसान पर एक दिवसीय राज्यकीय शोक की घोषणा की जाती है।”

ज्ञात हो, रतन टाटा ने 86 साल की उम्र में अंतिम सांसें ली। उनका जन्म 28 दिसंबर 1937 को हुआ था। उन्होंने साल 1991 से 2012 तक टाटा ग्रुप के चेयरमैन का पदभार संभाला था। उनकी टाटा कंपनी ने बिजनेस सेक्टर में कई कीर्तिमान स्थापित करते हुए टाटा समूह को बुलंदियों तक पहुंचाया था। आज उनके जाने से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। बॉलीवुड, क्रिकेट, आम जनता सभी उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।

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