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Chaibasa Congress : पश्चिमी सिंहभूम कांग्रेस में बगावत, चाईबासा नगर कमेटी का सामूहिक इस्तीफा

Chaibasa Congress : जिलाध्यक्ष के दो बागी उम्मीदवारों को निलंबित किए जाने के बाद कांग्रेसियों में आक्रोश

by Rajeshwar Pandey
Chaibasa Nagar Congress committee members resigning in West Singhbhum Jharkhand
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चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर और चाईबासा नगर परिषद चुनाव में पार्टी समर्थित उम्मीदवार के विरुद्ध चुनाव मैदान में उतरने के मामले में जिलाध्यक्ष ने दो कांग्रेसी नेताओं को पार्टी से निलंबित कर दिया है। इसके विरोध में कांग्रेस में बगावत हो गई है। कांग्रेस की चाईबासा नगर कमेटी के पदाधिकारियों और कई सक्रिय कार्यकताओं ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया। इससे पार्टी के अंदर हड़कंप मच गया है।

गौरतलब है कि कांग्रेस जिलाध्यक्ष रंजन बोयपाई ने चाईबासा से नगर निकाय चुनाव के उम्मीदवार मोहम्मद सलीम तथा चक्रधरपुर के विजय सिंह सुम्बरूई को पार्टी से निलंबित कर दिया है। जिलाध्यक्ष द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि दोनों नेताओं द्वारा पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ना पार्टी अनुशासन का उल्लंघन है। इस कारण संगठनात्मक हितों को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई की गई है। निलंबन की अवधि के दौरान दोनों नेता पार्टी के किसी भी कार्यक्रम या गतिविधि में शामिल नहीं हो सकेंगे। इधर चाईबासा में इस्तीफा का खबर का सूचना मिलते हैं कोहराम मच गया।

कांग्रेस की जिला कमेटी को सौंपा गया इस्तीफा

पश्चिमी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी में जारी अंदरूनी कलह के बीच चाईबासा नगर कांग्रेस कमेटी ने बुधवार को सामूहिक इस्तीफा देकर पार्टी नेतृत्व के खिलाफ नाराजगी जताई है। नगर उपाध्यक्ष, महासचिव, कई वार्ड अध्यक्षों सहित दर्जनों सक्रिय कार्यकर्ताओं ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता एवं अपने-अपने पदों से इस्तीफा देते हुए अपना पत्र जिला कांग्रेस अध्यक्ष रंजन बोइपाई के नाम कार्यालय सचिव सुशील दास को सौंपा।

इस्तीफा देने वाले पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का कहना है कि चाईबासा नगर अध्यक्ष मो. सलीम को निलंबित किया जाना और कार्यकर्ताओं की भावना के विपरीत दूसरे व्यक्ति को प्रत्याशी घोषित किया जाना एकतरफा एवं जमीनी हकीकत से दूर का फैसला है। उनका आरोप है कि इस निर्णय से लंबे समय से पार्टी के लिए समर्पित कार्यकर्ताओं की मेहनत और निष्ठा की अनदेखी हुई है।

कार्यकर्ताओं को नजर अंदाज करने का आरोप

नगर कमेटी के पदाधिकारियों ने संयुक्त बयान में कहा कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को लगातार नजरअंदाज किया है। जब संगठन में उनकी राय और भावनाओं को महत्व नहीं दिया जा रहा, तो ऐसी स्थिति में पार्टी में बने रहना संभव नहीं है। इसी कारण सभी ने एकमत होकर सामूहिक इस्तीफा देने का निर्णय लिया है। नगर कांग्रेस कमेटी द्वारा दिया गया यह सामूहिक इस्तीफा जिला कांग्रेस कार्यालय में सौंप दिया गया है। राजनीतिक हलकों में इस घटनाक्रम को आगामी चुनावों से पहले कांग्रेस संगठन के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है।

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