भुवनेश्वर/Jagannath Rath Yatra 2024: पुरी में रथ यात्रा के उत्सव की तैयारी बहुत ही धूमधाम से चल रही है। 53 वर्षों के बाद महाप्रभु जगन्नाथ जी का नेत्र उत्सव और रथ यात्रा एक ही दिन संपन्न होगा। 7 जुलाई को यह उत्सव होगा।
Jagannath Rath Yatra 2024: स्नान के बाद बीमार पड़ गए थे महाप्रभु जगन्नाथ
देवस्थान पूर्णिमा के दिन यानी की 22 जून को भक्तों ने भगवान जगन्नाथ को 108 घड़ो के जल से स्नान कराया गया था, जिससे महाप्रभु को बुखार आ गया और वह बीमार हो गए। उसके बाद उनका उपचार किया जा रहा था। रथ यात्रा के दिन भगवान जगन्नाथ भाई बलराम तथा बहन सुभद्रा के साथ अपने मौसीबाड़ी जाएंगे।
Jagannath Rath Yatra 2024: क्यों बन रहा है यह दुर्लभ संयोग
इस बार रथ यात्रा 16 जुलाई को समाप्त होगी। तिथि में गड़बड़ी के कारण ऐसा संयोग बन रहा है। इस वर्ष आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष में तिथि घटने के कारण ऐसा होगा। प्रत्येक वर्ष आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया को रथ यात्रा आरंभ होती है और आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष के 11 वें दिन यह समाप्त होती है।
Jagannath Rath Yatra 2024: तीनों रथों के नाम
रथ यात्रा में पहला रथ महाप्रभु जगन्नाथ जी का होता है। भगवान जगन्नाथ जी के रथ का नाम ‘नंदी घोष’ है। दूसरा रथ भगवान बलराम का होता है। बलराम जी के रथ का नाम ‘तालध्वज’ है। तीसरा रथ महाप्रभु जगन्नाथ जी की बहन सुभद्रा जी का होता है। सुभद्रा जी के रथ को ‘पद्म ध्वज’ कहा जाता है।

