Home » SBI क्रेडिट कार्ड की लापरवाही पड़ी भारी, उपभोक्ता को 2.17 लाख रुपये से अधिक क्षतिपूर्ति देने का आदेश

SBI क्रेडिट कार्ड की लापरवाही पड़ी भारी, उपभोक्ता को 2.17 लाख रुपये से अधिक क्षतिपूर्ति देने का आदेश

जिला उपभोक्ता आयोग ने एसबीआई क्रेडिट कार्ड से जुड़े मामले में सीआरपीएफ के सेकंड-इन-कमांड सच्चिदानंद मिश्रा को दी बड़ी राहत

by Rajeshwar Pandey
चाईबासा उपभोक्ता आयोग ने एसबीआई क्रेडिट कार्ड की लापरवाही पर उपभोक्ता को 2.17 लाख रुपये से अधिक क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया।
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिला मुख्यालय चाईबासा स्थित जिला उपभोक्ता आयोग ने एसबीआई क्रेडिट कार्ड से जुड़े एक अहम मामले में सीआरपीएफ के सेकंड-इन-कमांड सच्चिदानंद मिश्रा को बड़ी राहत दी है। बैंक को सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार का दोषी ठहराया है। आयोग ने एसबीआई कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को कुल ₹2,17,793 (ब्याज सहित) का पेमेंट करने का आदेश दिया है।

गौरतलब है कि साल 2010 में सच्चिदानंद मिश्रा ने एसबीआई क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन किया था। मगर, कार्ड कभी उन्हें दिया गया। इसके बावजूद उनके नाम पर लगातार बकाया राशि के फोन कॉल और बिल भेजे जाते रहे। जब उन्होंने अपनी सिबिल रिपोर्ट जांची तो लगभग ₹5,000 बकाया दर्शाया गया। इससे उनका क्रेडिट स्कोर घटकर 558 हो गया।

शिकायतकर्ता ने कई बार ई-मेल के जरिए एसबीआई कार्ड से संपर्क किया और बैंकिंग लोकपाल के पास शिकायत दर्ज कराई। लेकिन, कोई समाधान नहीं मिला। उल्टे बैंक ने खाता बंद कर राशि को “राइट-ऑफ” करते हुए सिबिल में नकारात्मक प्रविष्टि कर दी। इससे उन्हें गृह ऋण पर अधिक ब्याज चुकाना पड़ा और वाहन ऋण लेने में भी परेशानी हुई। साथ ही, बिना लिखित सहमति के रॉयल सुंदरम बीमा पॉलिसी सक्रिय करने का आरोप भी सामने आया।

इंसाफ की तलाश में सच्चिदानंद मिश्रा ने जिला बार एसोसिएशन के अधिवक्ता राजाराम गुप्ता के जरिए से उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया। सुनवाई के दौरान एसबीआई की चाईबासा शाखा ने खुद को विवाद से अलग बताया, जबकि संबंधित अन्य पक्ष गैर हाजिर रहे। इसके चलते मामला एकपक्षीय चला।

आयोग ने दस्तावेजों-ई-मेल, सिबिल रिपोर्ट, स्टेटमेंट ऑफ अकाउंट आदि के आधार पर पाया कि कार्ड की डिलीवरी का कोई प्रमाण नहीं था, फिर भी शुल्क और ब्याज वसूला गया और बाद में राइट-ऑफ कर नकारात्मक इंट्री दर्ज की गई। इसे सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार माना गया।

क्या है आयोग का आदेश

आयोग ने एसबीआई कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज प्रा. लि. को संयुक्त रूप से निर्देशित किया कि वे

  • ₹1,50,000 क्षतिपूर्ति,
  • ₹25,000 मानसिक पीड़ा व कष्ट के लिए,
  • ₹25,000 वाद व्यय के रूप में,
    कुल राशि 9% वार्षिक ब्याज सहित 60 दिनों के अंदर उपभोक्ता को दें।

बाद में जिला प्रशासन गुरुग्राम के माध्यम से दो डिमांड ड्राफ्ट ₹2,00,000 और ₹17,793 आयोग को प्राप्त हुए। दो फरवरी 2026 को शिकायतकर्ता ने पूरी राशि प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए आगे की कार्रवाई खत्म करने का अनुरोध किया। इसे आयोग ने स्वीकार कर प्रकरण को पूरी तरह निष्पादित करार दिया।

READ ALSO: RANCHI NEWS: महिला अधिवक्ता से बदसलूकी का मामला, यंग लॉयर्स एसोसिएशन ने डीजीपी को लिखा पत्र   

Related Articles

Leave a Comment