RANCHI: झारखंड की कृषि, पशुपालन और सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने सोमवार को कृषि निदेशालय पहुंचकर उद्यान विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। यह बैठक अचानक आयोजित की गई, जिसमें मंत्री ने विभाग के अंतर्गत चल रही योजनाओं की जानकारी ली। इस दौरान कृषि मंत्री ने अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति के बारे में विस्तार से जानकारी ली। इसके अलावा कई समस्याओं पर चर्चा की जो योजनाओं के सही क्रियान्वयन में बाधक बन रही है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं को गति देने के लिए केवल शोकॉज या कार्रवाई करने से काम नहीं चलेगा। रचनात्मक सोच और ठोस कार्य योजनाओं की जरूरत है। उन्होंने कहा कि योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए अधिकारियों को नए दृष्टिकोण और कार्ययोजना के साथ काम करना होगा। साथ ही यह भी कहा कि योजनाओं में आ रही अड़चनों को हल करने के लिए अधिकारी सुलझाने के उपायों पर काम करें। जिससे कि अधिक से अधिक योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंच सके।
इन योजनाओं को दें प्राथमिकता
कृषि मंत्री ने उद्यान विभाग के अधिकारियों को मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन और अन्य योजनाओं के संचालन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं को प्राथमिकता दी जाए, ताकि किसानों को जल्द से जल्द इनसे लाभ मिल सके। उन्होंने विशेष रूप से योजनाओं की क्रियान्वयन की समय सीमा को लेकर सख्त निर्देश दिया। जिससे कि कोई योजना समय पर पूरी हो सके और किसानों को फायदा पहुंचे।
कॉल सेंटर में किसानों से की बात
बैठक के बाद शिल्पी नेहा तिर्की ने कृषि निदेशालय में स्थित किसान कॉल सेंटर का औचक निरीक्षण भी किया। मंत्री ने कॉल सेंटर में बैठकर किसानों से बात की और विभाग की योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कॉल सेंटर में काम कर रहे ऑपरेटरों को विभाग की योजनाओं के बारे में अधिक जानकारी देने और उन्हें प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया। मंत्री ने यह भी कहा कि किसानों को अधिक से अधिक योजनाओं के बारे में जानकारियां दी जाएं। किसी भी कृषि संबंधित समस्या के समाधान के लिए टोल फ्री नंबर 18001231136 पर संपर्क करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही किसानों से अपील की कि वे कॉल सेंटर पर अपनी कृषि से संबंधित परेशानियों का समाधान प्राप्त करें।

