घाटशिला : राम मंदिर अग्रसेन स्मृति भवन परिसर में शुक्रवार से श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ हुआ। आयोजन के प्रथम दिन उत्तर प्रदेश के वृंदावन से पधारे आचार्य श्री राजेंद्र जी महाराज ने भागवत कथा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह का आयोजन श्रीकृष्ण भक्त मारवाड़ी समाज, घाटशिला द्वारा किया जा रहा है। आचार्य राजेंद्र जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि श्रीमद्भागवत कथा नर को नारायण से जोड़ने वाला दिव्य ग्रंथ है।
यह पितरों को मुक्ति प्रदान करने वाला, मृत्यु को भी मंगलमय बनाने वाला विशुद्ध प्रेम शास्त्र है। विधि-विधान से भागवत कथा श्रवण करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है तथा यह ज्ञान, भक्ति और वैराग्य का मार्ग प्रशस्त करता है। भागवत कथा समस्त वेदों एवं उपनिषदों का सार है और आत्मिक शांति व परम सत्य की अनुभूति कराती है। कथा प्रारंभ से पूर्व भगवान श्रीराधा-कृष्ण की विधिवत आरती की गई, जिसके पश्चात भागवत कथा का शुभारंभ हुआ।
प्रथम दिन होने के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिला एवं पुरुष कथा श्रवण के लिए उपस्थित थे। देर शाम तक कथा का आयोजन चलता रहा, जिसके उपरांत प्रसाद का वितरण किया गया।
आचार्य जी ने कहा कि भागवत कथा से मन का शुद्धिकरण होता है, संशय दूर होते हैं और शांति व मुक्ति की प्राप्ति होती है। इसके लिए सद्गुरु की पहचान कर उनके मार्गदर्शन में निरंतर हरि स्मरण और भागवत कथा श्रवण आवश्यक है। आयोजकों ने बताया कि कथा 30 जनवरी से 5 फरवरी तक दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक चलेगा। जबकि 6 फरवरी को हवन व पूर्णाहुति होगी। इसके उपरांत दोपहर 12 बजे से महाप्रसाद का वितरण किया जाएगा।


