
Jamshedpur : टाटा मोटर्स के कन्वाई चालकों के मेडिकल बिल के समुचित भुगतान को लेकर ऑल इंडिया कन्वाई वर्कर्स यूनियन ने टीटीसीए प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई है। यूनियन के महामंत्री जय नारायण सिंह उर्फ साधु सिंह ने कहा कि चालक पिछले कई महीनों से मेडिकल बिल का उचित भुगतान कराने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
टीटीसीए अधिकारियों से लगातार पत्राचार का दावा
महामंत्री ने कहा कि मेडिकल बिल के भुगतान को लेकर यूनियन की ओर से टीटीसीए के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी से लगातार पत्राचार किया गया है। इसके बावजूद चालकों को मेडिकल बिल की पूरी राशि का भुगतान नहीं हो पा रहा है। इससे चालकों में लगातार असंतोष बढ़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि टाटा मोटर्स की ओर से टीटीसीए को मिलने वाला चेसिस चार्ज चालकों के वेलफेयर से जुड़ा है, लेकिन इस राशि का उपयोग जमशेदपुर में चालकों के हित में समुचित रूप से नहीं हो पा रहा है। यूनियन का आरोप है कि राशि टीटीसीए के मुख्यालय दिल्ली चली जाती है, जहां उसके उपयोग को लेकर पारदर्शिता का अभाव है।
पहले जमशेदपुर में रहता था फंड : यूनियन
जय नारायण सिंह ने कहा कि पहले टाटा मोटर्स की ओर से दिए जाने वाले चार्ज का उपयोग जमशेदपुर में ही होता था और चालकों से संबंधित कार्यों के लिए राशि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध रहती थी। उनका कहना है कि अब व्यवस्था में बदलाव के कारण चालकों के मेडिकल बिल सहित अन्य कल्याणकारी कार्यों के भुगतान में परेशानी उत्पन्न हो रही है।
उन्होंने कहा कि चालक इस बार अपने मेडिकल बिल का पूरा और समुचित भुगतान चाहते हैं। इसके लिए चालक आंदोलन का रास्ता अपनाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
बुकिंग काउंटर पर आंदोलन की चेतावनी
यूनियन के महामंत्री ने कहा कि चालकों की ओर से बुकिंग काउंटर पर लगातार अपनी नाराजगी जाहिर की जा रही है। चालकों ने चेतावनी दी है कि यदि मेडिकल बिल का समुचित भुगतान नहीं किया गया तो वे किसी भी स्तर तक आंदोलन कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि यूनियन ने इस पूरे मामले की जानकारी टीटीसीए के अधिकारियों को दे दी है। यदि समस्या का समाधान नहीं होता और इसके कारण बुकिंग व्यवस्था प्रभावित या बंद होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी टीटीसीए प्रबंधन की होगी।
जय नारायण सिंह ने टीटीसीए प्रबंधन से मांग की है कि चालकों की मेडिकल बिल संबंधी समस्या का तत्काल समाधान किया जाए और लंबित एवं देय मेडिकल बिलों का समुचित भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि विवाद को आगे बढ़ने से रोका जा सके।

