Jamshedpur : टाटा जू में वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। पार्क में अफ्रीकी शेरों का एक नया जोड़ा आया है। नर शेर मनोहर और मादा शेरनी श्रीदेवी को हैदराबाद स्थित नेहरू जूलॉजिकल पार्क से स्वीकृत पशु विनिमय कार्यक्रम के तहत लाया गया है। इसके बदले में जमशेदपुर से दो नर मैंड्रिल बंदरों को हैदराबाद भेजा गया है।

करीब 9 वर्ष आयु के मनोहर और श्रीदेवी प्रजनन की दृष्टि से उपयुक्त उम्र में हैं। पार्क प्रबंधन को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में यह जोड़ा सफलतापूर्वक प्रजनन करेगा, जिससे चिड़ियाघर में शेरों की आनुवंशिक विविधता और दीर्घकालिक संरक्षण को मजबूती मिलेगी।
16 फरवरी की रात हैदराबाद से जमशेदपुर पहुंचे दोनों अफ्रीकी शेर
11 फरवरी को टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क की एक विशेष टीम दो अत्याधुनिक और सुरक्षित पशु परिवहन वाहनों के साथ हैदराबाद के लिए रवाना हुई थी। सभी आवश्यक दस्तावेज़ और स्वास्थ्य परीक्षण पूरे करने के बाद टीम 16 फरवरी की देर रात शेरों को सुरक्षित रूप से जमशेदपुर लेकर पहुंची। पूरी प्रक्रिया केंद्रीय जू अथॉरिटी के दिशा-निर्देशों और विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की निगरानी में संपन्न हुई है।
टाटा जू में अफ्रीकी शेरों की संख्या हुई 5
वर्तमान में टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क में तीन अफ्रीकी शेर जम्बो, एड्ड (नर) और जोया (मादा) मौजूद हैं। इनकी उम्र लगभग 14.5 वर्ष है। इन्हें साल 2012 में महज छह महीने की उम्र में लाया गया था और तब से ये दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बने हैं। दो नए अफ्रीकी शेर आने से अब टाटा जू में अफ्रीकी शेरों की संख्या 5 हो गई है। नए शेरों के आने से पार्क में एक युवा और स्वस्थ शेर आबादी विकसित हो रही है।
40 दिन तक क्वॉरेंटाइन में रहेंगे दोनों शहर
मानक चिड़ियाघर प्रोटोकॉल के अनुसार, मनोहर और श्रीदेवी को 40 दिनों के अनिवार्य क्वारंटाइन में रखा गया है। इस अवधि में उनके स्वास्थ्य, खान-पान और नए वातावरण में अनुकूलन पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। क्वारंटाइन पूरा होने के बाद इन्हें उनके निर्धारित बाड़ों में छोड़ा जाएगा, जहां दर्शक इन भव्य शेरों को देख सकेंगे।
पार्क प्रबंधन और कर्मचारियों में नए मेहमानों के आगमन को लेकर जबरदस्त उत्साह है। मनोहर और श्रीदेवी का आना न केवल संरक्षण प्रजनन प्रयासों को बढ़ावा देगा, बल्कि पर्यटकों के अनुभव को भी और समृद्ध करेगा।

