चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले में तांडव मचा रहे हाथी को काबू में करने के लिए आखिरकार Tranquilizer Gun की व्यवस्था कर ली गई। 21 से अधिक मौतों के बाद वन विभाग ने वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया देहरादून, वन्यजीवों के पुनर्वास और संरक्षण के लिए काम करने वाली दुनिया की सबसे बड़ी फाउंडेशन वनतारा के साथ मिलकर हाथी को काबू में करने का प्लान बनाया है।
क्विक रिस्पॉन्स टीम द्वारा ट्रेंकुलाइजर गन और शार्प शूटर को बुलाया गया है। हालांकि हाथी को ट्रैक करने के बाद ही उसे ट्रेंकुलाइज किया जा सकेगा। खूनी हाथी को ट्रैक करना ही इस समय सबसे बड़ी चुनौती है। इधर, बताया जा रहा है कि आज मझगांव के इलाके में दो लोगों की जान लेने और हाथी को खदेड़ने के लिए बंगाल से बुलाए गए हरकारे पर हमला करने वाला हाथी अलग है। पिछले एक सप्ताह से कहर बरपा रहा हाथी का अभी पता नहीं चल पाया है।
इसे आखिरी बार सियालजोड़ा में ट्रैक किया गया था, जो अब शाम को ओझल हो चुका है। उसके दो लंबे दांत बाहर दिखाई दे रहे थे। जबकि शुक्रवार को मझगांव इलाके में उत्पात मचाने वाले हाथी का एक ही दांत दिखा है। दोनों हाथियों को ट्रैक कर ट्रेंकुलाइज किए जाने की योजना है।
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