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कुएं की खुदाई कर रहे दो श्रमिकों की दम घुटने से मौत

by Rakesh Pandey
SAHIBGANJ CRIME
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अंदर हलचल नहीं मिलने पर दूसरा भी कुएं की गहराई में था उतरा  

– घंटों कड़ी मशक्कत के बाद भी नहीं निकाला जा सका था दोनों का शव 

-मौके पर पहुंची कोलियरी की सुरक्षा टीम ने दोनों के शव को बाहर निकाला 

रानीगंज : Two Labourers Death : रानीगंज के ईसीएल के कुनुस्तोड़िया एरिया के तीन नंबर इलाके में शनिवार को जंगल में एक निजी कंपनी अशोक इंजीनियरिंग वर्कर्स के वर्कशाप में कुएं की खुदाई के दौरान दो मजदूरों की दम घुटने से मौत हो गई। घंटों रेस्क्यू कर दोनों श्रमिकों के शव को बाहर निकाला गया। इस घटना में मरनेवालों में रामबगान कोड़ा पाड़ा निवासी 25 वर्षीय रतन कोड़ा और 26 वर्षीय गोपी कोड़ा शामिल हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक दोनों प्रतिदिन की तरह कुएं की खुदाई करने पहुंचे थे। एक मजदूर नीचे खुदाई के काम में जुटा था। थोड़ी देर बाद उसकी कोई गतिविधि नहीं मिलने पर दूसरा उसे देखने के लिए कुएं के नीचे उतरा लेकिन थोड़ी ही देर बाद दोनों की आवाजें आनी बंद हो गई। इसी बीच मौके पर कार्य कर रहे अन्य श्रमिकों ने हो हल्ला मचाना शुरू किया। जिसे सुन आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। बाद में श्रमिकों को लगा कि अंदर किसी तरह की जहरीली गैस निकल रही है जिसके चपेट में दोनों श्रमिक आ गए हैं। इसके तत्काल बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने बचाव दल को बुलाया। घंटों मशक्कत के बाद दोनों श्रमिकों को किसी तरह से कुएं से बाहर निकाला गया लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। घटना को लेकर इलाके में दहशत व्याप्त है।

 

Two Labourers Death : वर्जन

कुएं में जहरीली गैस नहीं थी। वहां उपकरणों से जांच करने पर पता चला कि वहां आक्सीजन का लेबल 1.5 था, जो काफी कम है। दोनों श्रमिकों की मौत आक्सीजन की कमी के कारण हुई है। दोनों के शव को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।

अभिषेक कुमार, बांसड़ा कोलियरी के सुरक्षा अधिकारी 

बेहद कम थी आक्सीजन की मात्रा :

घटना शनिवार की सुबह करीब 11 बजे की है। कुछ ही मिनटों में खबर आग की तरह पूरे इलाके में फैल गई। पुलिस के बुलाने पर अग्निशमन विभाग की टीम पहुंची और दोनों मजदूरों को निकालने की कोशिश शुरू की। इस दौरान इसकी सूचना देकर बांसड़ा कोलियरी के सेफ्टी आफिसर को भी बुलाया गया। वह पहुंचे सुरक्षा अधिकारी सहित बचाव दल ने सबसे पहले यह पता लगाने की कोशिश कि कुआं की गहराई में आक्सीजन की मात्रा कितनी है।

उन्होंने सेफ्टी लैंप अंदर डाला तो लैंप बुझ गया। इसके बाद उन्होंने इसकी पुष्टि की कि नीचे आक्सीजन की मात्रा काफी कम है। इसके बाद उनकी टीम के अधिकारी पूरी सुरक्षा उपकरणों के साथ नीचे उतरे और एक-एक करके दोनों मजदूरों के शवों को बाहर निकाला गया।

उन्होंने कहा कि नीचे कोई जहरीली गैस नहीं थी। आक्सीजन की कमी के कारण दोनों का दम घुट गया। हालांकि मौत के असली कारणों का पता पोस्टमार्टम के बाद ही होगा।

Two Labourers Death : नियमों को ताक पर रखा गया

यह इलाका कोलियरी इलाका है। यहां नीचे गहराई पर आक्सीजन के साथ-साथ मिथेन गैस का भंडार हो सकता है। इसलिए गहराई में जाने के लिए विशेष उपकरणों के साथ गड्ढों में उतरना होता है। लेकिन उक्त निजी कंपनी ने कुआं खुदाई के दौरान मजदूर बिना किसी सुरक्षा उपकरण के नीचे उतरे थे। जानकारों की माने तो अगर उक्त मजदूर आक्सीजन लेकर नीचे उतरता तो शायद उनकी मौत नहीं होती। हालांकि मामले की जांच में पुलिस जुट गई है।

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