लखनऊ : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार 20 फरवरी को अपना नौंवा बजट पेश करने जा रही है। इस बार के बजट का अनुमान करीब आठ लाख करोड़ रुपये के आसपास है। यह बजट लोक-लुभावन घोषणाओं से भरपूर हो सकता है, जिससे सरकार का ध्यान चुनावी रणनीति पर भी दिखेगा। वित्तमंत्री सुरेश खन्ना बजट पेश करेंगे।
इस बजट में उत्तर प्रदेश सरकार के ‘योगी मॉडल’ को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा। राज्य के विकास पर जोर रहेगा, खासकर उन वर्गों के लिए जो बजट में फोकस होंगे जैसे मध्यवर्ग, युवा, किसान और महिलाएं। विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए इस बजट में खास योजनाओं और कार्यक्रमों की घोषणाएं हो सकती हैं।
कृषि, उद्योग, बुनियादी विकास के साथ-साथ इस बजट में तकनीकी विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा सकता है। इसके साथ ही, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए नई योजनाओं की घोषणा होने की संभावना है।
सीएम योगी ने विपक्ष पर तंज किया, महाकुंभ को लेकर दिया बयान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वे महाकुंभ के आयोजन को लेकर अफवाहें फैला रहे हैं, जो करोड़ों लोगों की आस्था का अपमान है। उन्होंने कहा कि अब तक महाकुंभ में 56 करोड़ से ज्यादा लोग स्नान कर चुके हैं, और संगम का जल पूरी तरह से साफ है।
योगी ने विपक्षी नेताओं द्वारा महाकुंभ पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया। सपा के नेता महाकुंभ के विरोधी रहे हैं, जबकि ममता बनर्जी ने इसे “मृत्युकुंभ” कहा था और लालू यादव ने इसे फालतू की बात बताया था। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी महाकुंभ में भगदड़ की बात की थी।
योगी ने कहा कि महाकुंभ किसी सरकार का आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति का आयोजन है, और इस पर अफवाहें फैलाने वाले इस महान आस्था का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने तंज किया कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने चुपचाप महाकुंभ में डुबकी लगाई, जो इस आयोजन की स्वीकृति का प्रमाण है।

