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VADODARA : IOCL रिफाइनरी में भयंकर विस्फोट, धुएं के गुबार के बीच कर्मचारियों की आपातकालीन निकासी, हालात गंभीर

by Rakesh Pandey
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वडोदरा, गुजरात : आज दोपहर, वडोदरा जिले के कोयाली स्थित इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) रिफाइनरी में एक बड़ा विस्फोट हुआ। इस विस्फोट के बाद तेज़ धुएं का गुबार उठने लगा, जिसके कारण रिफाइनरी में काम कर रहे मजदूरों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर evacuate किया गया। अभी तक इस घटना में हुए नुकसान और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है, लेकिन स्थिति गंभीर बनी हुई है।

विस्फोट के बाद, आग की लपटें काफी तेज़ी से फैल गईं, और आसमान में काले धुएं के विशाल बादल बन गए। रिफाइनरी के आसपास के क्षेत्रों से यह दृश्य स्पष्ट रूप से देखा जा सकता था। IOCL रिफाइनरी, जो गुजरात के प्रमुख पेट्रोलियम उत्पादक केंद्रों में से एक है, में कई इकाइयां स्थित हैं और यहां हजारों लोग काम करते हैं। विस्फोट के बाद यहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और कर्मचारियों को निकाला गया है।

मदद और बचाव कार्य जारी

धुएं के गुबार के बीच, स्थानीय दमकल विभाग, पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई और आग पर काबू पाने की कोशिशें जारी हैं। विस्फोट के बाद रिफाइनरी के आसपास का क्षेत्र पूरी तरह से घेर लिया गया है, और स्थानीय अधिकारियों ने आस-पास के निवासियों को इस क्षेत्र से दूर रहने की सलाह दी है। बचाव कार्य में तेजी लाते हुए सभी गैर-आवश्यक कर्मचारियों को रिफाइनरी से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।

स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए कई दमकलकर्मी और बचाव दल मौके पर जुटे हुए हैं, लेकिन आग पर पूरी तरह से काबू पाने में अभी समय लगेगा। दमकल विभाग की टीमें और IOCL की इमरजेंसी सर्विसेज मिलकर अग्नि-नियंत्रण के प्रयासों में जुटी हैं।

रिफाइनरी पर असर और पर्यावरणीय खतरे

IOCL की कोयाली रिफाइनरी राज्य की महत्वपूर्ण औद्योगिक इकाइयों में से एक है, जो प्रतिदिन हजारों बैरल कच्चे तेल को प्रसंस्कृत करती है और पेट्रोल, डीजल, केरोसिन जैसे पेट्रोलियम उत्पादों का निर्माण करती है। विस्फोट के कारण रिफाइनरी की उत्पादन क्षमता और संचालन पर असर पड़ सकता है, हालांकि अभी इस बारे में कोई सटीक जानकारी नहीं मिली है।

इस घटना ने रिफाइनरी सुरक्षा प्रोटोकॉल पर सवाल उठाए हैं, क्योंकि यह क्षेत्र उच्च जोखिम वाले रसायनों और ज्वलनशील पदार्थों से भरा हुआ है। पर्यावरण विशेषज्ञों ने धुएं और जलने से होने वाले संभावित प्रदूषण पर चिंता व्यक्त की है। आस-पास के इलाकों में प्रदूषण का स्तर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, जिससे स्थानीय निवासियों को श्वसन संबंधित समस्याएं हो सकती हैं।

गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (GPCB) ने भी स्थिति पर नजर बनाए रखते हुए हवा की गुणवत्ता की जांच शुरू कर दी है और कहा है कि यदि आवश्यकता पड़ी तो तत्काल उपाय किए जाएंगे।

सरकार और IOCL का बयान

गुजरात सरकार और IOCL अधिकारियों ने विस्फोट के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अपनी पूरी कोशिशों का आश्वासन दिया है। राज्य के ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल्स मंत्री सौरभ पटेल ने मीडिया से कहा, “हमारी प्राथमिकता है कि किसी भी तरह की जनहानि न हो और रिफाइनरी में आग को जल्दी से जल्दी बुझाया जाए। जांच के बाद विस्फोट के कारण का पता चल पाएगा।”

IOCL ने भी एक बयान जारी किया, जिसमें कंपनी ने कहा कि सभी सुरक्षा उपायों का पालन किया जा रहा था और कंपनी स्थानीय अधिकारियों के साथ पूरी तरह से सहयोग कर रही है। बयान में कहा गया, “हमारा सबसे बड़ा लक्ष्य कर्मचारियों की सुरक्षा है और हम स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर आग पर काबू पाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।”

जांच और भविष्य के कदम

विस्फोट के कारणों की जांच जारी है। प्रारंभिक रिपोर्टों में यह संकेत मिल रहे हैं कि तकनीकी खामी या उपकरण की विफलता इस घटना का कारण हो सकती है, हालांकि इस पर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय की एक टीम भी घटनास्थल पर पहुंचने वाली है, जो जांच में मदद करेगी। यह घटना उद्योग में सुरक्षा प्रोटोकॉल और मानकों के पालन की आवश्यकता को फिर से उजागर करती है। विशेष रूप से ऐसे संयंत्रों में जहां भारी मात्रा में ज्वलनशील पदार्थों का उपयोग किया जाता है, सुरक्षा उपायों का उल्लंघन गंभीर परिणाम दे सकता है।जैसे-जैसे स्थिति पर नियंत्रण पाया जाता है और जांच आगे बढ़ती है, और अधिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है। यह घटना कच्चे तेल के प्रसंस्करण से जुड़े खतरों और सुरक्षा उपायों के महत्व को समझाती है। फिलहाल, IOCL और स्थानीय प्रशासन की टीमें पूरे प्रयासों में लगी हुई हैं, ताकि इस संकट से शीघ्र उबरा जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए ठोस कदम उठाए जा सकें।

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