नई दिल्लीः Delhi poll result: दिल्ली विधानसभा चुनाव के 70 सीटों पर वोटों की गिनती शुरू हो गई है। दोपहर बाद दिल्ली के भाग्य की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।आज यह तय होना है कि आने वाले 5 सालों तक दिल्ली कौन चलाएगा। एक तरफ जहां आम आदमी पार्टी अपनी जीत को लेकर आश्वस्त है, वहीं दूसरी तरफ भाजपा भी इस बार अपनी जीत को लेकर ‘कॉन्फिडेंट’ दिख रही है।

दिल्ली की जनता चौथी बार अरविंद केजरीवाल को सीएम बनाएगी
मतदाताओं का फैसला यह तय करेगा कि आम आदमी पार्टी की तरफ से अरविंद केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री होंगे या भारतीय जनता पार्टी राज्य को कोई नया चेहरा देगी। वोटों की गिनती के शुरू होने से पहले ‘आप’ नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा है कि दिल्लीवासी अरविंद केजरीवाल को फिर एक बार मुख्यमंत्री बना रहे हैं। उनका कहना है कि अलग-अलग मीडिया हाउस,जो एग्जिट पोल दिखा रही हैं, वो सब गलत साबित होने वाले हैं।
दिल्ली के अर्बन डेवलपमेंट मिनिस्टर सौरभ भारद्वाज का कहना है कि दिल्ली में सत्ता बनाए रखने के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) का आत्मविश्वास झलकता है और पार्टी के प्रदर्शन को कोई एग्जट पोल नहीं दर्शा सकता है।
एग्जिट पोल हमेशा गलत बताती हैः आप
“हमने दिल्ली में तीन चुनाव लड़े हैं और यह चौथा विधानसभा चुनाव है जिसे हम लड़ रहे हैं… 2013, 2015 के एग्जिट पोल ने दिखाया था कि हमें हार का सामना करना पड़ेगा। 2020 में, हमें एग्जिट पोल से अधिक सीटें मिलीं। इस चुनाव में भी, यह दिखाया जा रहा है कि हमें कम सीटें मिलेंगी। मुझे लगता है कि एग्जिट पोल ने हमेशा दिखाया है कि AAP को कम सीटें मिलेंगी,” भारद्वाज ने कहा।
बीजेपी से डरती है, दिल्ली की जनता
भारद्वाज ने भविष्यवाणियों को “गलत” करार दिया और कहा कि लोग “डर” के कारण नहीं बोलते। भारतीय जनता पार्टी हमेशा आम लोगों की आवाज़ों को दबाती है, इसलिए वे डर के कारण नहीं बोलते। AAP का वोट शेयर हमेशा एग्जिट पोल में दिखाए गए से अधिक होता है।
वोट काउंट की सारी तैयारियां पूरी
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के अनुसार, सभी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (ईवीएम) 19 स्थानों पर, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए एक, 70 कमरों में सुरक्षित रूप से रखी गई हैं। दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी आर एलीस वाज़ ने कहा कि वोटों की गिनती से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ कर ली गई हैं। मतदान किए गए ईवीएम और वीवीपीएटी की सुरक्षा सुनिश्चित कर ली गई है।
आप ने 2015 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी और कांग्रेस को हराकर 70 में से 67 सीटें हासिल की थी। दिल्ली के राजनीतिक मानचित्र में खुद को स्थापित किया था। 2020 में भी आप ने बीजेपी और कांग्रेस को पछाड़कर दिल्ली में सरकार बनाई और 62 सीटें अपने खाते में किए।

