कन्नूर : केरल के तालिपरमबा में सर सैयद कॉलेज से जुड़ा वक्फ भूमि विवाद एक बार फिर चर्चा में है, जहां 25 एकड़ भूमि पर स्वामित्व को लेकर गंभीर आरोप और कानूनी लड़ाई चल रही है। वक्फ प्रोटेक्शन कमेटी ने कॉलेज प्रबंधन पर केरल उच्च न्यायालय में जाली दस्तावेज़ जमा कर जमीन पर अधिकार जताने का आरोप लगाया है।
वक्फ भूमि विवाद : सर सैयद कॉलेज बनाम तालिपरमबा जमाअत मस्जिद ट्रस्ट कमेटी
वक्फ प्रोटेक्शन कमेटी का कहना है कि सर सैयद कॉलेज को संचालित करने वाली संस्था, कन्नूर जिला मुस्लिम एजुकेशनल एसोसिएशन (CDMEA), ने अदालत में दावा किया है कि भूमि नारिकोट्टू एत्तिशेरी इल्लम के अधीन है। हालांकि, कमेटी का आरोप है कि यह दावा गलत है और केवल 2 एकड़ भूमि ही उस इल्लम से संबंधित है, जो बाद में तालिपरमबा जमाअत मस्जिद ट्रस्ट कमेटी को सौंप दी गई थी।
CDMEA ने हाल ही में उच्च न्यायालय में याचिका (WP(C) 2025) दायर कर ‘थंडापेर’ यानी भूमि-कर रिकॉर्ड में नाम परिवर्तन की मांग की है। वहीं वक्फ प्रोटेक्शन कमेटी का कहना है कि यह कदम केवल वक्फ संपत्ति पर कब्जा जमाने के इरादे से उठाया गया है।
99-वर्षीय लीज़ का दावा और भुगतान विवाद
1966 में CDMEA ने जमाअत कमेटी से कॉलेज के लिए भूमि मांगी थी, जिसे वक्फ बोर्ड ने 99 साल की लीज़ पर मंजूरी दी। 1967 में लीज़ डीड साइन हुई और सर सैयद कॉलेज की स्थापना हुई। लेकिन वर्ष 2002 के बाद से CDMEA ने लीज़ भुगतान बंद कर दिया और अब भूमि पर स्वामित्व का दावा करते हुए अदालत का रुख किया है।
CPM और IUML के बीच राजनीतिक टकराव
इस मामले में राजनीतिक रंग भी चढ़ चुका है। CPM ने IUML नेताओं पर वक्फ संपत्ति हड़पने का आरोप लगाया है। CPM राज्य सचिवालय सदस्य एम.वी. जयराजन ने बयान जारी कर इसे ‘भ्रष्ट वक्फ भूमि घोटाला’ करार दिया और सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन की मांग की।
कॉलेज प्रबंधन की सफाई
CDMEA सचिव मुहम्मद अल्लामकुलम ने स्पष्ट किया है कि संस्था केवल भूमि कर रिकॉर्ड में नाम परिवर्तन चाहती है, जिससे कॉलेज संचालन में पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने बताया कि वक्फ ट्रिब्यूनल और हाईकोर्ट में अब तक सभी कार्यवाहियों में यही स्थिति रही है कि भूमि का स्वामित्व जमाअत कमेटी के पास है और CDMEA 99 साल की लीज़ पर कॉलेज चला रही है।
आंतरिक विवाद और IUML की भूमिका
सूत्रों के अनुसार, IUML के भीतर भी इस मामले को लेकर आंतरिक मतभेद सामने आए हैं। पूर्व जमाअत कमेटी सदस्य और IUML नेता के.वी. मुहम्मद कुंजू के कार्यकाल के दौरान इस भूमि स्वामित्व को लेकर कोई विवाद नहीं था, जो वर्तमान कानूनी चुनौती की टाइमिंग पर सवाल उठाता है।
मुख्य घटनाक्रम
• 1966 : CDMEA ने जमाअत कमेटी से कॉलेज के लिए भूमि मांगी
• 17 सितंबर 1966 : वक्फ बोर्ड ने 99 साल की लीज़ को मंजूरी दी
• 1967 : सर सैयद कॉलेज की स्थापना
• 2002 : अंतिम बार लीज़ राशि का भुगतान किया गया
• 2025 : CDMEA ने भूमि स्वामित्व का दावा करते हुए HC में याचिका दायर की
यह मामला न केवल कानूनी पेचीदगियों से भरा है, बल्कि राजनीतिक और धार्मिक संगठनों के आपसी टकराव को भी उजागर करता है। अदालत में लंबित याचिका और संबंधित विभागों की जांच के नतीजों पर ही इस विवाद का भविष्य निर्भर करेगा।

