Home » JHARKHAND NEWS: WEF की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक, दावोस में निवेश अवसरों को प्रदर्शित करेगा झारखंड

JHARKHAND NEWS: WEF की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक, दावोस में निवेश अवसरों को प्रदर्शित करेगा झारखंड

by Vivek Sharma
JHARKHAND: WEF 2026 की तैयारियों पर समीक्षा बैठक, दावोस में झारखंड खनिज, ईवी, ऊर्जा, पर्यटन व उद्योग निवेश अवसरों को करेगा प्रदर्शित।
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

RANCHI: वन इंडिया, वन नेशन की भावना को साकार करते हुए भारत विश्व आर्थिक मंच-2026 की तैयारियों को लेकर तेजी से जुटा हुआ है। इस क्रम में आगामी वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम-2026 को लेकर एक महत्वपूर्ण वर्चुअल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय रेल, संचार एवं इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने की। केंद्रीय मंत्री ने बैठक के दौरान राज्यों के बीच बेहतर समन्वय, निवेश-अनुकूल वातावरण और एकीकृत दृष्टिकोण पर बल दिया। बैठक का उद्देश्य वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में भारत की समग्र तैयारियों की समीक्षा और विभिन्न राज्यों के योगदान पर संवाद करना था।

JHARKHAND: WEF 2026 की तैयारियों पर समीक्षा बैठक, दावोस में झारखंड खनिज, ईवी, ऊर्जा, पर्यटन व उद्योग निवेश अवसरों को करेगा प्रदर्शित।
JHARKHAND: WEF 2026 की तैयारियों पर समीक्षा बैठक, दावोस में झारखंड खनिज, ईवी, ऊर्जा, पर्यटन व उद्योग निवेश अवसरों को करेगा प्रदर्शित।

सीएम ने तैयारी की दी जानकारी

इस वर्चुअल बैठक के दौरान सीएम हेमंत सोरेन ने झारखंड की ओर से दावोस में की जा रही तैयारियों की जानकारी दी गई। बताया गया कि झारखंड सरकार वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम-2026 में राज्य की निवेश क्षमता और औद्योगिक अवसरों को वैश्विक मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करेगी। झारखंड “झारखंड एट दावोस” के माध्यम से राज्य की प्राकृतिक संसाधनों और औद्योगिक क्षमताओं को प्रमुखता से प्रदर्शित करने की योजना बना रहा है।

बैठक में जानकारी दी गई कि झारखंड विशेष रूप से क्रिटिकल मिनरल्स और माइनिंग सेक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और ऑटोमोबाइल उद्योग, सुपरफूड्स और फूड प्रोसेसिंग, फॉरेस्ट और बायो इकोनॉमी, ऊर्जा एवं नवीकरणीय ऊर्जा संक्रमण, पर्यटन तथा वस्त्र उद्योग जैसे क्षेत्रों में निवेश के अवसरों को रखेगा। ये सभी क्षेत्र भारत सरकार की मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन जैसी नीतियों के अनुरूप हैं।

READ ALSO: RANCHI CRIME NEWS: रांची के अंश-अंशिका की डील कर चुका था गुलगुलिया गैंग, भीख और पॉकेटमारी के दलदल में ढकेलने की थी तैयारी

कई ग्लोबल कंपनियों के प्रमुखों से करेंगे मुलाकात

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में झारखण्ड का प्रतिनिधिमंडल वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की वार्षिक बैठक के दौरान दावोस में एक मजबूत और स्पष्ट उद्देश्य के साथ शामिल होगा। इस मंच के जरिए झारखण्ड खुद को स्थिरता, ऊर्जा बदलाव, समावेशी विकास और औद्योगिक प्रगति जैसे वैश्विक मुद्दों पर एक जिम्मेदार और भविष्य के लिए तैयार राज्य के रूप में खुद को प्रस्तुत करेगा। वर्ल्ड फोरम पर उच्च-स्तरीय बैठकों, विचार-विमर्श सत्रों और द्विपक्षीय चर्चाओं के माध्यम से वैश्विक उद्योग जगत के नेताओं, नीति निर्माताओं, बहुपक्षीय संस्थानों और निवेशकों से संवाद करेगा।

प्रकृति के साथ संतुलन में विकास

झारखण्ड इस बैठक में प्रकृति के साथ संतुलन में विकास के दृष्टिकोण के साथ शामिल हो रहा है। यह सोच आर्थिक विकास को पर्यावरण की रक्षा, लोगों के कल्याण और लंबे समय तक टिकाऊ विकास के साथ जोड़ती है। अपने गठन के 25 वर्ष पूरे कर चुके युवा राज्य के रूप में झारखण्ड खुद को केवल खनिज संसाधनों वाला राज्य नहीं, बल्कि बेहतर शासन और भविष्य की जरूरतों के अनुसार विकास का रास्ता बनाने वाले राज्य के तौर पर पेश होगा।

कई प्रमुखों के साथ संवाद

मुख्यमंत्री टाटा स्टील, हिताची, श्नाइडर इलेक्ट्रिक, इंफोसिस, वेलस्पन, एबी इनबेव, ब्लूमबर्ग, टेक महिंद्रा, अल्फानार, रामकी ग्रुप, एवरस्टोन ग्रुप सहित स्वीडन, अमेरिका और यूरोप की वैश्विक व्यापार परिषदों और संस्थानों के प्रमुख के साथ बैठक करेंगे। इन बैठकों में टिकाऊ उद्योग, हरित ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, आधुनिक बुनियादी ढांचा, डिजिटल तकनीक और जलवायु के अनुकूल औद्योगिक विकास में निवेश के अवसरों पर चर्चा होगी। मुख्यमंत्री ऊर्जा बदलाव, क्षेत्रीय नेतृत्व, बड़े पैमाने पर स्थिरता, महत्वपूर्ण खनिजों और मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं में भारत की भूमिका से जुड़े उच्च-स्तरीय मंत्रिस्तरीय संवाद और पैनल चर्चाओं में भी भाग लेंगे। इन मंचों पर झारखण्ड यह बात सामने रखेगा कि भूमि, श्रम, संसाधन और जलवायु परिवर्तन के प्रबंधन में राज्य सरकार की भूमिका कितनी अहम है और कैसे राज्य स्तर से वैश्विक समाधान निकलते हैं।

झारखण्ड मंडप का उद्घाटन होना रहेगा महत्वपूर्ण

झारखण्ड प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा झारखण्ड पेवेलियन का उद्घाटन है। पेवेलियन का उद्घाटन 20 जनवरी को होगा। यह पेवेलियन राज्य की निवेश संभावनाओं, नीतिगत सुधारों और दीर्घकालिक विकास योजना को प्रस्तुत करने का एक समर्पित मंच होगा। इसके माध्यम से झारखण्ड अपनी खनन और औद्योगिक पहचान से आगे बढ़कर हरित विकास, मूल्यवर्धित उत्पादन, जिम्मेदार संसाधन प्रबंधन और समावेशी रोजगार की दिशा में अपनी यात्रा को दिखाने की कोशिश करेगा।

झारखण्ड का विकास मॉडल लोगों, प्रकृति और स्थिरता पर आधारित

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन का मानना है कि राज्य का विकास मॉडल लोगों, प्रकृति और स्थिरता पर आधारित होना चाहिए। राज्य जिम्मेदार खनन, नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग, समुदायों की भागीदारी, महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यम और कौशल विकास को प्राथमिकता दे रहा है, ताकि विकास का लाभ सभी तक पहुंचे। दावोस में झारखण्ड की भागीदारी के दौरान वैश्विक और भारतीय मीडिया से भी व्यापक बातचीत होगी। इसके जरिए राज्य यह संदेश देने का प्रयास करेगा कि विकास के साथ जिम्मेदारी भी जरूरी है। जैसे-जैसे दुनिया में ऊर्जा, संसाधन और प्रतिभा की मांग बढ़ रही है, झारखण्ड खुद को एक भरोसेमंद भागीदार के रूप में स्थापित कर रहा है, जो पारदर्शिता, स्थिरता और लंबे समय तक मूल्य देने में सक्षम है।

Related Articles

Leave a Comment