पटना : आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता और चुनावी विश्लेषक योगेंद्र यादव अब बिहार में आगामी चुनाव के लिए जमीन तैयार करने वाले हैं। लोकसभा चुनाव, हरियाणा विधानसभा चुनाव और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद अब योगेंद्र बिहार की राजनीति के लिए पिच तैयार करने जा रहे हैं।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में मुख्य रणनीतिकार की भूमिका निभाने वाले योगेंद्र यादव ने लोकसभा चुनाव में विपक्ष के लिए स्ट्रेटजी बनाने में अहम भूमिका निभाई, जिसमें कांग्रेस का नाम सबसे ऊपर है। लोकसभा चुनाव 2024 में योगेंद्र यादव ने जो अनुमान लगाया था, उसी के मुताबिक परिणाम भी सामने आए।
उसके बाद हरियाणा विधानसभा चुनाव में भी योगेंद्र यादव ने बड़ी ही बारीकी से रणनीतियां तैयार कीं, हालांकि उनकी रणनीति कांग्रेस को राज्य में जीत नहीं दिला सकी। हरियाणा के बाद महाराष्ट्र के भी कई इलाकों के लिए योगेंद्र यादव ने रणनीति तैयार की, लेकिन वहां भी कांग्रेस को मुंह की खानी पड़ी और एनडीए के पक्ष में ऐतिहासिक परिणाम आए।
अब बिहार में 2025 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, इसके लिए योगेंद्र यादव एक साल पहले से ही राज्य में राजनीतिक बिसात तैयार करने जा रहे हैं। इसी कारण इन दिनों उनका बिहार दौरा बढ़ गया है।
6 दिसंबर यानी शुक्रवार को योगेंद्र यादव बिहार का दौरा करेंगे, इस बात की पुष्टि योगेंद्र यादव ने खुद ही एक ट्वीट के माध्यम से दी। उन्होंने बताया कि बिहार की धरती पर अगले कुछ दिनों में संवाद का सिलसिला जारी रहेगा। लोकतंत्र, संविधान और समाजवाद के मुद्दों पर आपकी बात सुनने और अपने विचार साझा करने का अवसर मिलेगा। आप भी जुड़ें, इन अहम विषयों पर विचार और संवाद का हिस्सा बनें।
योगेंद्र यादव की ओर से किए गए पोस्ट के अनुसार, 6 दिसंबर को वे मधुबनी के टाउन हॉल में सुबह 11 बजे से मौजूद होंगे। वहां वे भारतीय संविधान, नागरिक स्वतंत्रता और विकास संबंधी मसलों पर चर्चा करेंगे। 7 दिसंबर को योगेंद्र यादव रोहतास में होंगे और वहां सुबह 11 बजे से कोचस के नोवा कॉलेज में किसान सम्मेलन को संबोधित करेंगे।
इसके बाद 8 दिसंबर को शाम 4 बजे वे बिहार की राजधानी पटना में रहेंगे और वहां वे बिहार माध्यमिक शिक्षा संघ के बैनर तले लोकतंत्र और समाजवाद पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत करेंगे। चुनाव से पहले संभव है कि योगेंद्र यादव के और भी कार्यक्रम बिहार के लिए बने और जाहिर है कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए वे विपक्ष के लिए काम करेंगे।

