लखनऊ: सनातन संस्कृति के प्रचार और मंदिरों के आधुनिकीकरण के लिए एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में 120 शिव मंदिरों को डिजिटल रूप से जोड़ने की योजना तैयार की जा रही है। इनमें 12 मंदिर ऐसे होंगे जो विदेश में स्थित हैं। इसके तहत भगवा त्रिशूल यात्रा, जो 1 मार्च को प्रयागराज से शुरू हुई थी, 3 मार्च को लखनऊ पहुंचेगी। इस यात्रा के दौरान शहरभर में भव्य स्वागत किया जाएगा। शाम को कन्हैया मित्तल की भजन संध्या का आयोजन होगा, जिसमें सरकार और संगठन के बड़े पदाधिकारी भी शामिल होंगे। इस भजन संध्या को ‘धन्यवाद समारोह’ नाम दिया गया है।

युवाओं को भारतीय इतिहास, संस्कृति से जोड़ने की पहल
इस यात्रा का उद्देश्य केवल धार्मिक स्थलों का संरक्षण करना नहीं है, बल्कि युवाओं को भारतीय इतिहास, संस्कृति और मंदिरों के आधुनिकीकरण से जोड़ना भी है। इसके तहत भगवा एप को भी लांच किया गया है, जिसके माध्यम से श्रद्धालु घर बैठे विभिन्न मंदिरों के डिजिटल दर्शन कर सकेंगे। यह एप युवा पीढ़ी को भारतीय धरोहरों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
भगवा त्रिशूल यात्रा के उद्देश्य
इस यात्रा का प्रमुख उद्देश्य धार्मिक स्थलों का संरक्षण, स्वच्छता, जल संरक्षण और सौर ऊर्जा जैसे पहलुओं को बढ़ावा देना है। साथ ही, यह यात्रा मंदिरों में डिजिटल बुकिंग और लाइव दर्शन जैसी सुविधाओं को लागू करने का भी लक्ष्य रखती है। यात्रा के माध्यम से युवाओं को धार्मिक धरोहरों की सुरक्षा और संरक्षण से जोड़ने की कोशिश की जाएगी। इसके अतिरिक्त, प्राचीन मंदिरों में स्वच्छता को बढ़ावा देने, जल संरक्षण की दिशा में काम करने और सौर ऊर्जा का उपयोग करने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
IMPC (अंतर्राष्ट्रीय मंदिर प्रबंधक परिषद) द्वारा इस यात्रा को आयोजित किया जा रहा है, और इसके अंतर्गत पूरे देश के विभिन्न मंदिरों को डिजिटल रूप से जोड़ा जाएगा। यह पहल न केवल धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को सुनिश्चित करेगी, बल्कि भारतीय संस्कृति के पुनर्निर्माण और उसे डिजिटल युग से जोड़ने की दिशा में एक अहम कदम होगा।
भारत के 8 राज्यों से होकर गुजरने वाली यात्रा
भगवा त्रिशूल यात्रा भारत के 8 राज्यों से होकर निकलेगी और 29 मार्च को दिल्ली में भव्य महासम्मेलन के साथ इसका समापन होगा। यात्रा के दौरान IMPC के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष राजेश यादव ने कहा, “भगवा त्रिशूल यात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि यह युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने और भारत की आध्यात्मिक धरोहर को संजोने का एक प्रेरणादायक अभियान है।”
IMPC के राष्ट्रीय महामंत्री दीप सिहाग सिसाए ने बताया कि उनका लक्ष्य प्राचीन शिवालयों को पुनर्जीवित कर उन्हें शिव शक्ति केंद्र के रूप में विकसित करना है। इस पहल से मंदिरों को न केवल धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बनाया जाएगा।
IMPC और भगवा एप का महत्व
IMPC, यानी अंतर्राष्ट्रीय मंदिर प्रबंधक परिषद, सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए एक अग्रणी संस्था है। यह संस्था भारत के मंदिरों और सांस्कृतिक स्थलों के पुनर्निर्माण और आधुनिकीकरण के लिए समर्पित है। IMPC का मिशन मंदिरों को डिजिटल तकनीक से जोड़कर उन्हें समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक केंद्रों के रूप में विकसित करना है। यह संगठन संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के तहत मंदिरों में जल संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण और कौशल विकास को बढ़ावा दे रहा है।
भगवा एप, एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे सनातन संस्कृति को तकनीकी युग से जोड़ने के लिए विकसित किया गया है। इस एप के माध्यम से श्रद्धालु मंदिरों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, ऑनलाइन दर्शन कर सकते हैं, और आध्यात्मिक सामग्री तक आसानी से पहुंच सकते हैं। यह एप न केवल धार्मिक गतिविधियों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लाता है, बल्कि भारत की संस्कृति और धार्मिक धरोहर को भी एक नई दिशा देता है।

