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देश के 15.5 लाख हवाई यात्रियों को वापस मिलेंगे 597 करोड़ रुपये, NCLT ने जारी किया नोटिस

by Rakesh Pandey
देश के 15.5 लाख हवाई यात्रियों को वापस मिलेंगे 597 करोड़ रुपये कैंसिल फ्लाइट के रिफंड का इंतजार कर रहे लोगों के लिए यह अच्छी खबर है। गो फर्स्ट (Go First) ने अपनी विमान सेवाएं 3 मई को बंद कर दी थी
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नई दिल्ली: गो फर्स्ट एयरलाइन में अपनी कैंसिल फ्लाइट के रिफंड का इंतजार कर रहे लोगों के लिए यह अच्छी खबर है। NCLT https://nclt.gov.in/ ने 598 करोड़ रुपये लौटाने के लिए नोटिस जारी किया है।संकट में फंसी एयरलाइन गो फर्स्ट (Go First) के पैसेंजर्स के लिए यह थोड़ी राहत भरी खबर है।

राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) ने रिफंड के पैसे वापस करने के लिए नोटिस जारी किया है. Go First से टिकट खरीदने वाले करीब 15.5 लाख पैसेंजर्स के 597.54 करोड़ रुपये फंसे हुए हैं। गो फर्स्ट के समाधान पेशेवर (RP) ने यात्रियों को पैसे वापस करने की अनुमति मांगने के लिए NCLT का रुख किया है।

3 मई से बंद है एयरलाइन की सर्विस

बता दें कि गो फर्स्ट (Go First) ने अपनी विमान सेवाएं 3 मई को बंद कर दी थी, जबकि कुछ यात्रियों ने 10 जुलाई तक के लिए एयरलाइन की टिकट खरीदी थी। एयरलाइन ने आज ही ट्वीट कर बताया कि 3 अगस्त तक एयरलाइन की सभी सर्विस को कैंसिल कर दिया है। 3 मई से गो फर्स्ट लगातार इस तारीख को आगे बढ़ा रही है.

NCLT ने कहा- सीओसी के सुझावों के तहत हो व्यवस्था

एनसीएलटी की पीठ ने कहा कि ऐसी व्यवसाय योजना की व्यवहार्यता तथा क्रियान्वयन ‘‘ऋणदाताओं की समिति (सीओसी) के सदस्यों के सुझावों के तहत’’ होनी चाहिए। महेंद्र खंडेलवाल तथा राहुल पी.भटनागर वाली एनसीएलटी की पीठ ने समाधान पेशेवर से राशि की वापसी पर ऋणदाताओं से विशेष मंजूरी लेने को कहा। श्रीनिवासन ने कहा कि सीओसी को इसकी जानकारी है और उन्होंने इसकी मंजूरी दे दी है। बहरहाल उन्होंने इस बात का पता लगाने के लिए समय मांगा कि क्या इस विशिष्ट योजना को सीओसी ने मंजूरी दी है या नहीं।

7 अगस्त को होगी अगली सुनवाई

एनसीएलटी ने कहा कि योजना में बार-बार बदलाव किया जा रहा है इसलिए यह बेहतर होगा यदि पैसे वापस करने के लिए एक विशिष्ट समाधान निकाला जाए। यह भी पता लगाया जाए कि क्या किसी ने इस योजना पर आपत्ति जतायी है या नहीं। इस पर श्रीनिवासन ने कहा कि यह जनहित में किया जा रहा है और उन्होंने इस मुद्दे में नियामक भारतीय दिवाला व ऋण शोधन अक्षमता बोर्ड (आईबीबीआई) को पक्ष बनाने का सुझाव दिया। पीठ ने इससे सहमत होते हुए कहा, ‘‘हम सीओसी और आईबीबीआई को नोटिस जारी कर मामले पर अपना रुख स्पष्ट करने का निर्देश देते हैं।’’ इस मामले पर आगे की सुनवाई सात अगस्त को होगी।

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